नई दिल्ली। आओ भारत को जानें विषय पर भारत के गौरव का व्याख्यान करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक श्री रवि अय्यर जी ने कहा कि जब तक भारत की धरोहर श्रीमद् भगवद्गीता विश्व में प्रचारित-प्रसारित नहीं होगी तब तक युद्ध एवं परस्पर संघर्ष समाप्त नहीं हो सकता। चैत्र नवरात्रि कीे पावन वेला पर भारतीय नववर्ष-विक्रमी संवत् 2083 एवं आर्य समाज स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विश्व हिंदी परिषद् एवं पीजीडीएवी महाविद्यालय (सान्ध्य) की संस्कृत परिषद्, सांस्कृतिक एवं नैतिक प्रकोष्ठ और इस्कॉन, ईस्ट ऑफ कैलाश के संयुक्त तत्त्वावधान में व्याख्यान शृंखला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ अंजलि के द्वारा की गई सरस्वती वन्दना से हुआ। श्री रवि अय्यर ने कहा कि भगवद्गीता के प्रथम श्लोक "धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे" का अर्थ यदि "क्षेत्रे क्षेत्रे धर्म कुरु" इस प्रकार किया जाए तो कर्म के प्रत्येक क्षेत्र में धर्म का पालन होगा। विभिन्न आधुनिक आविष्कार जैसे 5G नेटवर्क को संवाहित करने वाली फाइबर ऑप्टिकल की तकनीक नरिन्दर सिंह कपानी के द्वारा खोजी गई, इसलिए इन्हें "फादर ऑफ फाइबर ऑप्टिक्स" कहा गया। ऐसे ही विभिन्न आधुनिक आविष्कारों के जनक भारतीय रहे हैं। ऑपरेशन सिन्दूर का उल्लेख करते हुए अय्यर जी ने भारत की अन्तरिक्ष संस्था "इसरो" के महत्त्व एवं योगदान पर प्रकाश डाला। इसरो के पास वह क्षमता है कि वह आज अमेरिका के सेटेलाइट को लॉन्च कर रहा है। चन्द्रमा की सतह पर उतरने वाले कुल चार देशों में भारत सम्मिलित है। आज विश्व की बड़ी अधिकांश मल्टीनेशनल संस्थाओं जैसे आई बी एम, गूगल आदि पर भारतीय अधिष्ठित हैं। इतना ही नहीं विभिन्न देशों की राजनीति में भी ऋषि शुनक, जैसे अनेक भारतीय गौरव प्राप्त कर रहे हैं।
Click Here for More Institutional Activities