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जनगणना के साथ आया रेमिडियल क्लास लगाने का आदेश: शिक्षक संघ

शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 9वीं, दसवीं वीं एवं बारहवीं के लिए रेमिडियल क्लास लगाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए

नई दिल्ली। शनिवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश प्रारम्भ हो रहे हैं। आज प्रथम पाली के विद्यालयों में इसकी घोषणा भी की जा चुकी थी। इसके उपरांत लगभग शाम चार बजे के आसपास शिक्षा विभाग द्वारा कक्षा 9वीं, दसवीं वीं एवं बारहवीं के लिए रेमिडियल क्लास लगाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए। दिल्ली में अधिकतर प्रवासी लोगों के बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ते हैं, जो ग्रीष्मकालीन छुट्टियों में कोई आदेश न के कारण अपना मूल निवास पर जाने का कार्यक्रम बनाकर अपनी रिजर्वेशन आदि कर चुके हैं आनन-फानन में शिक्षा अधिकारियों द्वारा प्रधानाचार्यों को व्हाट्सएप के माध्यम से छात्रों को सूचित करने हेतु कहा गया।

एक ओर जनगणना की ट्रेनिंग चल रही है, सामग्री वितरण की प्रक्रिया होनी है तथा 16 मई से हाउस गणना प्रारम्भ होनी है। ऐसे में रेमिडियल क्लास का अचानक आदेश जारी होना विभाग की पूर्व योजना एवं कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सामान्यतः इस प्रकार के आयोजनों की घोषणा कम से कम पन्द्रह दिन पूर्व की जाती है, जिससे विद्यालय, शिक्षक एवं छात्र उचित तैयारी कर सकें।
 
लगातार यह देखा जा रहा है कि शिक्षा विभाग द्वारा बिना समुचित पूर्व नियोजन के इस प्रकार के आदेश जारी किए जा रहे हैं। ऐसे में जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य के साथ-साथ रेमिडियल कक्षाओं का वास्तविक लाभ कितना होगा, यह आने वाला समय बताएगा। राजकीय विद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव अजय वीर यादव ने कहा कि सेमिनार, रेमिडियल क्लास अथवा अन्य किसी भी प्रकार के शैक्षणिक आयोजन का उल्लेख वार्षिक कैलेंडर में होना चाहिए, जिससे पूर्व योजना के तहत इनका प्रभावी संचालन किया जा सके। विभागीय लापरवाही के कारण इस प्रकार की कक्षाएँ कई बार केवल सांकेतिक आयोजन बनकर रह जाती हैं। साथ ही, यह व्यवस्था अतिथि शिक्षकों के लिए लाभदायक सिद्ध हो सकती है, क्योंकि उन्हें अब तक केवल कार्य दिवसों का ही मानदेय प्राप्त होता रहा है तथा वर्तमान में उनकी जनगणना में भी ड्यूटी लगाई गई है। ऐसे में इस अतिरिक्त कार्य से उन्हें आर्थिक लाभ अवश्य प्राप्त होगा

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