हरियाणा- : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में राजभाषा अनुभाग व नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), महेंद्रगढ़ की ओर से राजभाषा हिंदी की संवैधानिक स्थिति और कामकाज में हिंदी: समस्या व समाधान विषयों पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। दो सत्रों में आयोजित इस कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में इफको मुख्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक (हिंदी) डॉ. नलिन विकास विशेषज्ञ के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि भाषा का महत्त्व अभिव्यक्ति में बेहद आवश्यक है। ऐसे में शब्दों का सही प्रयोग होना चाहिए और यदि शब्द का अर्थ सही निकले तो भाषा की उपयोगिता रहती है। अवश्य ही इस आयोजन के माध्यम से प्रतिभागियों को राजभाषा के संबंध में विभिन्न पक्षों को जानने-समझने का अवसर मिला होगा। इस आयोजन के लिए आयोजक व विशेषज्ञ वक्ता दोनों ही के प्रयास सराहनीय है।
कार्यशाला की शुरुआत विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुई। विशेषज्ञ वक्ता का परिचय हिंदी अधिकारी डॉ. कमलेश कुमारी ने प्रस्तुत किया। कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में उपस्थित डॉ. नलिन विकास ने राजभाषा हिंदी के विभिन्न प्रावधानों के बारे में प्रतिभागियों को अवगत कराया। डॉ. विकास ने कार्यालयीन कार्य में हिंदी के प्रयोग तथा समस्या व उनके समाधानों की जानकारी प्रतिभागियों के साथ साझा की। कार्यशाला के अंत में विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बीर पाल सिंह यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि अवश्य ही विश्वविद्यालय कुलपति के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में उपस्थित विशेषज्ञ द्वारा दी गई जानकारी से प्रतिभागी नराकास के सदस्य कार्यालय व हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रतिभागी लाभांवित हुए होंगे। कार्यशाला में विश्वविद्यालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भाग लिया। साथ ही इस आयोजन में हिंदी विभाग के सहआचार्य डॉ. कामराज सिंधु सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी व शोधार्थी भी उपस्थित रहे।
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