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हिंदी विकास संस्थान द्वारा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मान समारोह का भव्य आयोजन

प्रतियोगिता में देश-विदेश सहित भारत के सभी प्रांतों से लगभग 50,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया

नई दिल्ली। हिंदी विकास संस्थान दिल्ली द्वारा तीन मूर्ति भवन स्थित प्रधानमंत्री संग्रहालय नई दिल्ली के सभागार में दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय हिंदी सम्मान समारोह का सफल आयोजन किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय स्तर के समारोह में देश-विदेश सहित भारत के लगभग सभी प्रांतों से आए प्रतिभाशाली छात्रों, शिक्षकों एवं विद्यालयों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। समारोह के प्रथम दिन अतिथिगण द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। हिंदी विकास संस्थान के अध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार शर्मा ने पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर सभी अतिथियों का स्वागत किया।

अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 के विजेताओं का सम्मान
 
इस अवसर पर हिंदी विकास संस्थान द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय हिंदी ओलंपियाड-2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को अतिथिगण द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता में देश-विदेश सहित भारत के सभी प्रांतों से लगभग 50,000 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के अंतर्गत सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। विद्यालय स्तर पर विजेताओं को श्रेष्ठता प्रमाण-पत्र एवं पदक, राज्य स्तर पर हिंदी बालश्रेष्ठ सम्मान, राष्ट्रीय स्तर पर *राष्ट्रीय हिंदी प्रतिभा सम्मान* तथा सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान के साथ नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
 
विद्यालयों को विशेष राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मान
 
इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक पदक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को *राष्ट्रीय प्रेरक सम्मान* तथा राष्ट्रीय स्तर पर सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यालयों को *राष्ट्रीय हिंदी उन्नायक सम्मान-2025* से सम्मानित किया गया। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक अंक एवं पदक *रोजरी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, किंग्सवे कैंप, नई दिल्ली* ने प्राप्त किए, जिसके फलस्वरूप विद्यालय को अंतर्राष्ट्रीय हिंदी उन्नायक सम्मान-2025 एवं ₹11,000 की नकद राशि से सम्मानित किया गया। दो दिवसीय समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. पाटिल प्रांजल लहेंसिंह (आई.ए.एस.), अतिरिक्त शिक्षा निदेशक, शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार उपस्थित रहे। अन्य प्रमुख अतिथियों में  विनोद नारायण इंदूरकर (अध्यक्ष, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र, डॉ. पूरन चंद टंडन (निदेशक, भारतीय अनुवाद परिषद, नई दिल्ली) तथा डॉ. कैलाश जाधव (संयोजक, गोवा हिंदी अकादमी, गोवा) शामिल रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. आशुतोष शर्मा (उपनिदेशक, सीसीआरटी., संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) एवं डॉ. राजेश नामदेव होले (भाषा अनुवादक, पुणे, महाराष्ट्र) की उपस्थिति भी रही। सभी अतिथियों ने प्रतिभाशाली बच्चों एवं शिक्षकों को सम्मानित कर उनका मनोबल बढ़ाया। मुख्य अतिथि डॉ. पाटिल प्रांजल लहेंसिंह ने अपने संबोधन में इस प्रतियोगिता को बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विनोद नारायण इंदूरकर ने संस्कृति मंत्रालय द्वारा प्रतिभाशाली बच्चों के लिए उपलब्ध छात्रवृत्तियों की जानकारी दी। डॉ. कैलाश जाधव ने अहिंदी भाषी राज्यों में हिंदी के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज लगभग सभी राज्य हिंदी को महत्व दे रहे हैं और हिंदी के प्रति नकारात्मक सूचनाओं का तथ्यात्मक खंडन भी किया। सभी अतिथियों ने हिंदी विकास संस्थान द्वारा हिंदी के विकास हेतु किए जा रहे क्रांतिकारी प्रयासों की मुक्त कंठ से सराहना की। संस्थान के अध्यक्ष डॉ. पीयूष कुमार शर्मा ने हिंदी को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित करने के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया और इस अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता को हिंदी विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। समारोह के दौरान सम्मानित विद्यार्थियों से मीडिया प्रतिनिधियों ने संवाद कर उनके अनुभवों को जाना, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिली। कार्यक्रम में संस्थान की महासचिव कल्पना शर्मा, कोषाध्यक्ष संदेश डबास, कार्यकारिणी सदस्य कुसुम पाल कश्यप, सफलता गौतम सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। हिंदी विकास संस्थान की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट किए गए। समारोह का समापन धन्यवाद-ज्ञापन के साथ हुआ।

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