हरियाणा: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह का आयोजन उत्साह और गौरवपूर्ण वातावरण में किया गया, जिसमें विभिन्न संकायों और विभागों के मेधावी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में कुल 50 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए, जिन्होंने अपने-अपने पाठ्यक्रमों में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। समारोह के मुख्य अतिथि के रूप में भारत के सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत उपस्थित रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों को पदक प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दीक्षांत समारोह के दौरान विद्यार्थियों में विशेष उत्साह और गर्व का माहौल देखने को मिला। पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन को दिया। कई विद्यार्थियों ने इसे अपने परिवार के संघर्ष और त्याग का परिणाम बताया, वहीं कुछ ने कहा कि वे अपनी शिक्षा का उपयोग समाज और राष्ट्र के निर्माण में करना चाहते हैं। समारोह ने यह भी दर्शाया कि उच्च शिक्षा केवल व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य समाज के विकास में योगदान देना भी है।
समारोह में विभिन्न संकायों जैसे विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रबंधन, शिक्षा, कानून, कला, फार्मेसी और अन्य व्यावसायिक कार्यक्रमों के विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय प्रशासन ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उत्कृष्टता और शोध गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध के अवसर और प्रेरणादायक शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है, जिससे वे भविष्य में अपने-अपने क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा, जहां विद्यार्थियों और उनके परिवारों ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को गर्व के साथ मनाया। दीक्षांत समारोह ने न केवल विद्यार्थियों की मेहनत और लगन को सम्मानित किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि शिक्षा के माध्यम से युवा पीढ़ी देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने उम्मीद जताई कि यहां से निकलने वाले विद्यार्थी ज्ञान, नैतिकता और जिम्मेदारी के साथ समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेंगे।
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