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शिक्षकों के मेडिकल, एलटीसी व ट्यूशन फीस के भुगतान में होती है देरी: जीएसटीए

शिक्षा निदेशक महोदय को एक विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल समाधान की मांग

राकेश नाथ 

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के मेडिकल, एलटीसी और बच्चों की ट्यूशन फीस री-इम्बर्समेंट के भुगतान में हो रही अत्यधिक देरी को लेकर राजकीय। विद्यालय शिक्षक संघ के महासचिव श्री अजय वीर यादव ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस संबंध में उन्होंने शिक्षा निदेशक महोदय को एक विस्तृत पत्र लिखकर तत्काल समाधान की मांग की है।

             महासचिव अजय वीर यादव ने बताया कि शिक्षक अपने तथा अपने परिवार के स्वास्थ्य उपचार हेतु अस्पतालों में पहले स्वयं भुगतान करते हैं। इसके उपरांत संबंधित मेडिकल बिल अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य अथवा डीडीओ को प्रस्तुत किए जाते हैं। इसके बाद प्रधानाचार्य द्वारा जिला कार्यालय से बजट की मांग की जाती है और बजट प्राप्त होने पर बिल पे एंड अकाउंट्स ऑफिस भेजे जाते हैं। यह पूरी प्रक्रिया अत्यंत धीमी और लंबित रहती है।

                 उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के मामलों में उपचार पर बड़ी धनराशि खर्च हो जाती है। भुगतान में देरी के कारण शिक्षक और उनका परिवार आर्थिक तंगी से गुजरने को मजबूर हो जाता है, जिससे कई बार उपचार तक बाधित हो जाता है। यही स्थिति बच्चों की ट्यूशन फीस री-इम्बर्समेंट और एलटीसी बिलों के साथ भी देखने को मिलती है।
महासचिव यादव ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की प्रक्रिया और देरी से शिक्षकों को यह महसूस होने लगता है कि जैसे उनका वैधानिक अधिकार किसी “एहसान” या “अनुकंपा” के रूप में दिया जा रहा हो, जबकि यह उनका कानूनी और सेवा-संबंधी अधिकार है।
 
                उन्होंने विशेष रूप से जनवरी, फरवरी और मार्च माह का उल्लेख करते हुए कहा कि ये वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने होते हैं, जिनमें इस प्रकार की समस्याएं और अधिक बढ़ जाती हैं। यदि इन महीनों में भुगतान नहीं हो पाता, तो अगली वित्तीय वर्ष में नई प्रक्रियाएं और जटिलताएं शुरू हो जाती हैं, जिससे भुगतान और अधिक खटाई में पड़ जाता है। साथ ही, इन्हीं महीनों में सभी सरकारी कर्मचारी वार्षिक आयकर भुगतान के दबाव में भी होते हैं, जिससे शिक्षकों पर आर्थिक बोझ और तनाव बढ़ जाता है। कई बार शिक्षक आर्थिक दबाव में अपने स्वास्थ्य से समझौता करने को विवश हो जाते हैं।
 
              इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए महासचिव अजय वीर यादव ने शिक्षा निदेशक महोदय से मांग की है कि इस विषय पर सख्त आदेश एवं स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। उन्होंने आग्रह किया है कि संबंधित अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर मेडिकल, एलटीसी एवं ट्यूशन फीस री-इम्बर्समेंट के भुगतान सुनिश्चित करने के लिए बाध्य किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनके अधिकार समय पर मिल सकें और वे अनावश्यक मानसिक व आर्थिक पीड़ा से बच सकें।

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