* दिल्ली सरकार ने अपने पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों को सितम्बर तक की सैलरी रिलीज की ।
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय शिक्षक संगठन एएडीटीए के पदाधिकारी प्रोफ़ेसर एन के पाण्डेय , प्रोफ़ेसर मनोज कुमार सिंह , पूर्व डीटीए के अध्यक्ष व पूर्व एकेडमिक काउंसिल मेंबर डॉ. हंसराज सुमन के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के कॉलेजों की सैलरी/ ग्रांट रिलीज कराने की मांग को लेकर दिल्ली के केबिनेट मंत्री श्री गोपाल राय , विधायक श्री संजीव झा से मिले थे । दिल्ली यूनिवर्सिटी की एकेडमिक काउंसिल के पूर्व मेंबर डॉ. हंसराज सुमन ने दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों की सैलरी/ ग्रांट रिलीज कराने की मांग उनसे की थीं और उन्हें बताया था कि पिछले तीन- चार महीने से शिक्षकों, कर्मचारियों और इसके अलावा कंट्रक्चुअल कर्मचारियों को वेतन ना मिलने से आर्थिक स्थिति से जूझ रहे हैं । केबिनेट मंत्री गोपाल राय व विधायक श्री संजीव झा ने दिल्ली सरकार से बात की , उन्होंने जल्द ही शिक्षकों, कर्मचारियों की सैलरी रिलीज करने का आश्वासन दिया था। आखिर में उन्होंने 12 कॉलेजों की सैलरी सोमवार को रिलीज कर दी । कॉलेज शिक्षकों ने बताया है कि उन्हें सितम्बर माह तक की सैलरी मिल चुकी है ।
पूर्व एकेडमिक काउंसिल मेंबर डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि दिल्ली के केबिनेट मंत्री से जब मिले थे तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन कॉलेजों को पिछले तीन-चार महीने की ग्रांट रिलीज नहीं हुई है वे सरकार के अधिकारियों से बात कर कॉलेजों को सरकार की ओर से ग्रांट / सैलरी रिलीज कराने पर दबाव बनाएंगे और दीपावली से पूर्व ग्रांट रिलीज हो जाएगी । उन्होंने बताया है कि दिल्ली सरकार ने जो ग्रांट/सैलरी रिलीज की वह सितम्बर माह तक की है । डॉ. सुमन ने बताया कि जिन कॉलेजों को ग्रांट रिलीज की जा रही हैं उनमें भीमराव अंबेडकर कॉलेज, शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंस, इंदिरा गांधी फिजिकल एजुकेशन, महाराजा अग्रसेन कॉलेज, भाष्कराचार्य कॉलेज, आचार्य नरेंद देव कॉलेज , महर्षि वाल्मीकि कॉलेज , केशव महाविद्यालय ,दीनदयाल उपाध्याय कॉलेज , भगिनी निवेदिता कॉलेज ,अदिति महाविद्यालय ,शहीद सुखदेव कॉलेज है । उन्होंने भीमराव अंबेडकर कॉलेज , महाराजा अग्रसेन कॉलेज , इंदिरा गांधी फिजिकल एजुकेशन इंस्टीट्यूट , केशव महाविद्यालय , महर्षि वाल्मीकि कॉलेज ऑफ एजुकेशन के शिक्षकों से बात की तो उन्होंने बताया कि उनकी ग्रांट आ गई है । उनका कहना है कि दिल्ली सरकार के इन 12 कॉलेजों में 50 से 60 फीसदी एडहॉक टीचर्स, गेस्ट टीचर्स व कंट्रक्चुअल कर्मचारी है ।
डॉ. सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार के पूर्ण वित्त पोषित 12 कॉलेजों के एडहॉक शिक्षकों ,कंट्रक्चुअल कर्मचारियों, गेस्ट टीचर्स के सामने इस महीने बहुत से त्यौहार होने के कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे थे। इन शिक्षकों और कर्मचारियों में ज्यादातर लोग किराए के मकानों में रहते हैं, अपनी ईएमआई, गाड़ी की क़िस्त , बच्चों की फीस आदि समय पर ना भरने की वजह से तनाव में थे। अब उनकी ग्रांट रिलीज होने पर खुशी महसूस कर रहे हैं ।उन्होंने बताया है कि पिछले कई महीनों में इन कॉलेजों की ग्रांट रिलीज कराने की मांग को लेकर हर शिक्षक परेशान था कि उनकी ग्रांट कब आएगी। उनका कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता छात्र, शिक्षक और कर्मचारी है। नए वर्ष से उनका प्रयास रहेगा कि शिक्षकों, कर्मचारियों की ग्रांट समय पर रिलीज कराना।
Click Here for More Latest News