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दौलत राम कॉलेज में कर्मचारियों के साथ अन्याय के खिलाफ डूक्कू का विरोध, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

कॉलेज के कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे

नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन (डूक्कू) ने दौलत राम कॉलेज के कर्मचारियों के साथ हो रहे कथित अन्याय और दमनात्मक कार्रवाई को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। यूनियन का कहना है कि कॉलेज के कर्मचारी पिछले कई दिनों से अपनी जायज़ मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन उनकी समस्याओं का समाधान करने के बजाय दमनात्मक कदम उठा रहा है।
 
               यूनियन के अनुसार, 23 फरवरी को कॉलेज की प्रिंसिपल धरना स्थल पर पहुंचीं और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। आरोप है कि उन्होंने एक दिव्यांग कर्मचारी के हाथ से माइक की तार छीन ली और कॉलेज का गेट अंदर से बंद करवा दिया, जिससे यूनियन के सदस्यों को परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद 24 फरवरी को भी कॉलेज का गेट अंदर से बंद रखा गया और धरने में शामिल होने आए कर्मचारियों को बाहर रोक दिया गया। इसी दौरान कॉलेज प्रशासन ने यूनियन के दो संरक्षित पदाधिकारियों—दौलत सिंह रावत (अध्यक्ष, डीआरसी एवं कार्यकारिणी सदस्य डूक्कू) और अमित कुमार जमवाल (सचिव, डीआरसी  एवं विशेष आमंत्रित सदस्य डूक्कू ) को निलंबित कर दिया। साथ ही लाइब्रेरी अटेंडेंट गोविंद सिंह, जिनका वेतन अक्टूबर 2025 से रोका हुआ है, उनके कॉलेज में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाने का पत्र जारी किया गया है।
 
             इन घटनाओं के विरोध में 27 फरवरी को धरना स्थल पर कर्मचारियों की आम सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द समाधान नहीं करता तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। निर्णय के अनुसार 2 मार्च, 3 मार्च और 5 मार्च को विश्वविद्यालय, संकायों, विभागों और कॉलेजों में कार्यरत कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक रजिस्ट्रार, कॉलेज प्रिंसिपल, निदेशक या विभागाध्यक्ष के कार्यालय के सामने धरना देंगे। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 6 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक दौलत राम कॉलेज में विशाल धरना आयोजित किया जाएगा। इसमें नॉर्थ कैंपस के कर्मचारी अपने कार्यालयों में उपस्थिति दर्ज कराने के बाद शामिल होंगे, जबकि साउथ कैंपस, आउटर कॉलेज और ईवनिंग कॉलेज के कर्मचारी सीधे धरना स्थल पर पहुंचेंगे। यूनियन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय को तुरंत समाप्त किया जाए, निलंबित कर्मचारियों को बहाल किया जाए और रोके गए वेतन का भुगतान किया जाए। यूनियन का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो कर्मचारियों को आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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