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दिल्ली विश्वविद्यालय की 56 सदस्यीय टीम तमिलनाडु रवाना, युवा संगम फेज 7 में क्या होगा खास?

Key Highlights & Summary

दिल्ली विश्वविद्यालय की युवा संगम फेज-7 की 56 सदस्यीय टीम को ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के तहत तमिलनाडु के लिए रवाना किया गया। 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक चलने वाले इस भ्रमण में 50 छात्र और 6 शिक्षक शामिल हैं। इस दौरान विद्यार्थी तमिलनाडु की संस्कृति, परंपराओं, शैक्षणिक संस्थानों और विकास गतिविधियों को जानेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और विविधता में एकता की भावना को बढ़ावा देना है।

दिल्ली विश्वविद्यालय की 56 सदस्यीय टीम तमिलनाडु रवाना, युवा संगम फेज 7 में क्या होगा खास?

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर 2026: दिल्ली विश्वविद्यालय की युवा संगम फेज-7 टीम को शनिवार को गांधी भवन के प्रांगण से केंद्रीय विश्वविद्यालय तमिलनाडु के लिए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत रवाना हुए इस 56 सदस्यीय दल में 50 छात्र और 6 शिक्षक शामिल हैं। यह टीम 24 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 तक तमिलनाडु का भ्रमण करेगी। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समझ और पारस्परिक सहयोग की भावना को बढ़ावा देना है।

प्रो. रजनी अब्बी ने दिखाई हरी झंडी

दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध युवा संगम फेज-7 की टीम शनिवार को गांधी भवन में एकत्रित हुई। यहां दक्षिणी परिसर की निदेशक एवं कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. रजनी अब्बी तथा शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने टीम को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इस अवसर पर शिक्षा मंत्रालय के श्री यांश मोहन, डॉ. नरेश ग्रोवर, निदेशक (एआईसीटी), विदेश मंत्रालय के निदेशक श्री जय सिंह और दिल्ली विश्वविद्यालय युवा संगम फेज-7 के नोडल अधिकारी प्रो. के.पी. सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक कई नारे लगाए, जिनमें ‘युवा संगम है शान हमारी, यही है पहचान हमारी’, ‘अलग-अलग भाषा, अलग वेश, युवा संगम एक संदेश’ और ‘अनेकता में एकता, यही है भारत की विशेषता’ प्रमुख रहे। लगभग आधे घंटे तक चले इस आयोजन में गांधी भवन का परिसर युवा संगम के नारों से गूंज उठा।

राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समझ को बढ़ावा देना उद्देश्य

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य देश की विविध संस्कृतियों, भाषाओं, परंपराओं और जीवनशैलियों के बीच आपसी समझ एवं एकता को मजबूत करना है।

युवा संगम टीम को रवाना करने से पहले शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों श्री यांश मोहन और डॉ. नरेश ग्रोवर ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत ऐसे कार्यक्रम युवाओं को अपनी संस्कृति, साहित्य और समाज से जोड़ने का माध्यम हैं।

उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विभिन्न राज्यों की संस्कृति, कला, साहित्य और परंपराओं को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यार्थी शिक्षा, खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और उनमें भागीदारी भी बढ़ रही है।

कुलगुरु प्रो. योगेश सिंह ने दी शुभकामनाएं

दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलगुरु एवं युवा संगम फेज-7 के मुख्य संरक्षक प्रो. योगेश सिंह तथा कुलसचिव डॉ. विकास गुप्ता ने भी टीम को सुरक्षित एवं सुखद यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।

प्रो. योगेश सिंह ने कहा, “अनेकता में एकता, यही है भारत की विशेषता।”

उनका संदेश भारत की विविध सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय एकता के महत्व को रेखांकित करता है।

प्रो. के.पी. सिंह ने बताया कार्यक्रम का महत्व

‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के नोडल अधिकारी एवं गांधी भवन के निदेशक प्रो. के.पी. सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, भाईचारे, सद्भाव और देशभक्ति की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने बताया कि यह पहल विविधता में एकता के भारतीय आदर्श को साकार करते हुए राष्ट्र की प्रगति और समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विद्यार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, खान-पान, वेशभूषा, ऐतिहासिक स्थलों तथा विकास एवं नवाचार गतिविधियों से परिचित कराना है।

प्रो. सिंह के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय से 56 सदस्यों का दल तमिलनाडु के विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व के स्थलों का भ्रमण करेगा।

पांच स्तंभों पर केंद्रित रहेगा युवा संगम कार्यक्रम

गांधी भवन के संयुक्त निदेशक प्रो. हंसराज सुमन ने बताया कि यह शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक यात्रा युवाओं को भारत की विविधता और एकता को बेहतर ढंग से समझने तथा सराहने का अवसर प्रदान करेगी।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम पांच प्रमुख स्तंभों पर केंद्रित है, जिन्हें ‘5 Ps’ कहा जाता है। इनमें पर्यटन, परंपरा, प्रगति, परस्पर संपर्क और प्रौद्योगिकी शामिल हैं। शिक्षा मंत्रालय के विजन और दिशा-निर्देशों के अनुरूप कार्यक्रम को संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को भारत की साझा संस्कृति, साहित्य और भाषाओं को समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वे तमिलनाडु की स्थानीय परंपराओं, शैक्षणिक गतिविधियों और विकास पहलों से भी परिचित होंगे।

विभिन्न विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी ले रहे हैं भाग

युवा संगम फेज-7 की टीम में दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों के विद्यार्थियों के साथ दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU), डॉ. बी.आर. अंबेडकर विश्वविद्यालय, जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI), गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IPU) और नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (NSUT) सहित अन्य संस्थानों के छात्र-छात्राएं भी शामिल हैं।

दल में शिक्षक प्रतिनिधियों के रूप में प्रो. एम. थिरुमल, डॉ. नरेंद्र कुमार बिश्नोई, डॉ. विनय कुमार गुप्ता, डॉ. चेतना गुप्ता, डॉ. एकता रमन और डॉ. मीनू सहित अन्य शिक्षक शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों और कॉलेजों के प्रिंसिपल, डीन, निदेशक तथा शिक्षक भी उपस्थित रहे। मंच संचालन युवा संगम की सदस्य प्रो. चारू कालरा ने किया।

युवा संगम फेज-7 के तहत आयोजित यह यात्रा विद्यार्थियों को देश के विभिन्न क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता, शैक्षणिक परंपराओं और विकास गतिविधियों को करीब से जानने का अवसर प्रदान करेगी। यह पहल युवाओं के बीच आपसी संवाद, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

 

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