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दिल्ली सरकार के 12 कॉलेजों की ग्रांट रिलीज कराने व एडहॉक टीचर्स के समायोजन / स्थायीकरण को लेकर हड़ताल

सोमवार को हुई डूटा की हड़ताल सफल रही

 

नई दिल्ली,:  दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा ) के आह्वान पर दिल्ली सरकार के शत प्रतिशत वित्त पोषित 12 कॉलेजों की ग्रांट रिलीज ना करने के विरोध में व कॉलेजों में चल रही स्थायी नियुक्ति के समय एडहॉक टीचर्स को बाहर करने के विरोध स्वरूप शिक्षकों ने बड़ी संख्या में एक दिवसीय हड़ताल कर विरोध जताया । डूटा की टीम के साथ अन्य शिक्षक संगठनों ने सोमवार को सुबह से ही कॉलेजों में जाकर हड़ताल पर रहने की अपील की । उत्तरी परिसर व दक्षिणी परिसर के कॉलेजों में हड़ताल पूरी तरह सफल रही । अरबिंदो कॉलेज , मोतीलालबनेहरू कॉलेज , रामलाल आनंद कॉलेज , आचार्य नरेंद्रदेव , शिवाजी कॉलेज , राजधानी कॉलेज , सत्यवती कॉलेज , रामजस कॉलेज , खालसा कॉलेज , किरोड़ीमल कॉलेज में भी कक्षाएं नहीं हुई । डूटा द्वारा की गई यह हड़ताल पूरी तरह सफल रही ,  शिक्षक कॉलेज आए जरूर मगर उन्होंने  कक्षाएं नहीं ली । 

                     वैसे भी पांचवें सेमेस्टर की कक्षाएं नहीं लग रही है केवल थर्ड सेमेस्टर के छात्रों की क्लासेज लग रही है । फर्स्ट ईयर के अभी तक एडमिशन हुए नहीं ।  डीटीए के अध्यक्ष डॉ. हंसराज सुमन व अन्य पदाधिकारियों ने एडहॉक शिक्षकों से कॉलेजों में चल रही स्थायी नियुक्ति के विषय में पूछा तो सभी एडहॉक टीचर्स हाल ही में कुछ कॉलेजों से एडहॉक को बाहर किए जाने से डरे हुए है । उनका कहना है कि 2 या 3 मिनट में उनके भाग्य का फैसला किया जा रहा है , साथ ही एक्सपर्ट भी बाहर से आ रहे हैं । डॉ.हंसराज सुमन ने एडहॉक टीचर्स को 
आश्वासन दिया है कि दिल्ली सरकार के कॉलेजों में  इंटरव्यू से पहले वे प्रिंसिपलों से मिलकर एडहॉक टीचर्स के समायोजन /स्थायीकरण की बात करेंगे ताकि लंबे समय से पढ़ा रहे किसी भी एडहॉक टीचर्स को बाहर न निकाला जाए । 

            आम आदमी पार्टी से संबद्ध शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) के अध्यक्ष डॉ.हंसराज सुमन ने डूटा की इस जायज मांग का समर्थन करते हुए दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया से शत प्रतिशत वित्त पोषित 12 कॉलेजों की ग्रांट रिलीज कराने की मांग की है और कहा है कि आर्थिक संकट से जूझ रहे स्थायी , एडहॉक , गेस्ट टीचर्स और कर्मचारियों की ग्रांट जल्द से जल्द रिलीज करने की मांग की है और उन्हें बताया है कि इस महीने दशहरा पर्व ,दीपावली , छठ पूजा , करवा चौथ आदि त्यौहार है जो साल में एक बार आते हैं। उन्होंने बताया है कि जब वे कॉलेजों में गए तो शिक्षकों ने उन्हें बताया कि एलटीसी बिल , मेडिकल बिल , ईएमआई ,गाड़ी की क़िस्त ,  मकान का किराया , बच्चों की फीस , इंश्योरेंस , पदोन्नति का एरियर अभी तक नहीं मिला है । उन्होंने उन्हें बताया कि सबसे ज्यादा आर्थिक स्थिति कंट्रक्चुअल कर्मचारियों , एडहॉक टीचर्स व गेस्ट टीचर्स की है जिन्हें सैलरी बाद में मिलती है ।

             डॉ.सुमन ने बताया है कि दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित 12 कॉलेजों में  वित्तीय संकट का सामना  इसलिए हो रहा है कि कुछ कॉलेजों ने अपने यहाँ स्वीकृत पदों से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की हुई है । उनका कहना है उन कॉलेजों के प्रिंसिपल तो सेवानिवृत्त हो गए मगर संकट का सामना वर्तमान प्रिंसिपलों को करना पड़ रहा है । उन्होंने बताया है कि वे जल्द ही दिल्ली सरकार के उपमुख्यमंत्री व  शतप्रतिशत वित्त पोषित 12 कॉलेजों के चेयरपर्सन से मिलकर ग्रांट रिलीज कराने में आ रही दिक्कत का समाधान निकालेंगे । साथ ही एडहॉक टीचर्स के समायोजन /स्थायीकरण पर भी विचार -विमर्श किया जाएगा । 

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