Latest News

हकेवि में स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ पर समारोह का हुआ आयोजन

:- सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोह लिया मन

 

हरियाणा: हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि), महेंद्रगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के शुभ अवसर पर सोमवार को ध्वजारोहण समारोह का आयोजन हुआ। 76वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने शैक्षणिक खंड के सामने तिरंगा झंडा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की।

प्रो. टंकेश्वर कुमार ने उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। कुलपति ने इस अवसर पर विश्वविद्यालय के सहभागियों के साथ भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों व देश की सीमा की रक्षा करने वाले वीर जवानों के सेवा, समर्पण व त्याग को याद किया। इससे पूर्व में कुलपति ने विश्वविद्यालय स्थित विद्या वीरता स्थल पर वीर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया।    

प्रो. टंकेश्वर कुमार ने अपने संबोधन में देश को आजाद कराने में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि आज हम जिस आजाद हवा में साँस ले रहे हैं, वह हमारे स्वतंत्रता सेनानियों, पूर्वजों और हमारे महान नेताओं द्वारा किए गए दशकों के संघर्षों का परिणाम है। भारत का स्वतंत्रता दिवस ने केवल ब्रिटिश राज के शासन से भारत की आजादी को दिखाता है बल्कि यह हमारे देश की शक्ति को भी दिखाता है कि कैसे हम सब एक थे, एक हैं और एक रहेंगे। 

कुलपति ने कहा कि आज पूरा भारत वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव पूरे हर्ष व उत्साह के साथ मना रहा है। इस अवसर पर हमें संकल्प लेना चाहिए कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में हरसंभव योगदान देंगे। आज का दिन बेहद पावन है और इसके ऐतिहासिक महत्त्व को देखते हुए हमें नए भारत के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा व प्रगति के लिए हम सदैव तत्पर रहने का भी आह्वान किया।  

प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि देश आज नए भारत के निर्माण की ओर अग्रसर है। आज रक्षा, विज्ञान, तकनीकी, खेल, शिक्षा हर मोर्चे पर हम सशक्त हैं और आत्मनिर्भर भारत बनने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कॉमन वेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे खिलाड़ियों के प्रदर्शन से हम सभी का मस्तक गर्व से ऊँचा हो गया है। 

इस अवसर पर कुलपति ने बीते एक वर्ष में विश्वविद्यालय की उपलब्धियों से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया। उन्होंने विश्वविद्यालय एनआईआरएफ रैंकिंग में शामिल होना, आउटलुक वार्षिक रैंकिंग में विश्वविद्यालय का 19वें पायदान पर आना, बेस्ट इनोवेशन स्टॉल अवार्ड मिलने पर विश्वविद्यालय के सभी सहभागियों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय में निरंतर जारी नियुक्तियों व पदोन्नतियों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए आगामी योजना के अंतर्गत पुस्तकालय व सभागार की सुविधा विकसित करने का भी उल्लेख किया। 

कुलपति ने कहा कि भारत अमृत-काल में प्रवेश कर रहा है और इस अमृतकाल को मूर्त रूप देने में युवाओं की भूमिका सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण है। भारत की युवा पीढ़ी को नई दिशा, नई चेतना व उनके अंतर्मन में देश प्रेम के भाव का संचार करने हेतु शिक्षण संस्थानों विशेषकर विश्वविद्यालयों और उनके शिक्षकों की भूमिका महत्त्वपूर्ण बताते हुए अमृतकाल की परिकल्पना को साकार करने में अपना योगदान देने की अपील की। 

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों व कर्मचारियों व उनके परिवारजनों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से समां बांधा। इनमें स्पंदन, राधिका, अमृता, आदिश, अहाना, महक, रितिक, अनिमेश, किरण एवं डांस ग्रुप, नरेश, सन्नी तंवर, रश्मि तंवर, शंकर, अजयपाल आदि के नाम शामिल हैं। कार्यक्रम के अंत में कुलसचिव प्रो. सुनील कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। 

कार्यक्रम में उपस्थित स्थानीय पूर्व सैनिकों के संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में सक्रिय रूप से सक्रिय प्रतिभागिता की और कार्यक्रम के अंत में कुलपति को स्मृति चिह्न देकर उनके प्रति आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के नवाचार एवं उद्भवन केंद्र के उल्लेखनीय प्रयासों के लिए केंद्र की संयोजक प्रो. सुनीता श्रीवास्तव व उनकी टीम को स्मृति चिह्न कुलपति व कुलसचिव की ओर से प्रदान किया गया। कार्यक्रम में कुलपति परिवार सहित शामिल हुए। 

साथ ही इस अवसर पर विश्वविद्यालय की विभिन्न पीठों के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी, शिक्षणेतर कर्मचारी व उनके परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।   

Click Here for More Latest News