नई दिल्ली। शिक्षा, सेवा और समाज निर्माण के उद्देश्य को समर्पित -- विद्यान्जलि सम्मान समारोह–2026 का भव्य आयोजन सर्वोदय कन्या विद्यालय विश्वास नगर में किया गया। यह आयोजन DIET, कड़कड़डूमा तथा भारतीय शिक्षण मंडल, उत्तर-पूर्व जिला के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। समारोह में विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले 100 विद्यान्जलि स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने शिक्षा के साथ-साथ मार्गदर्शन, प्रेरणा, नैतिक मूल्यों और आत्मविश्वास के माध्यम से समाज निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। सम्मानित स्वयंसेवक सिविल सेवा, चिकित्सा, विधि, उच्च शिक्षा, विद्यालय शिक्षा, सामाजिक, कॉर्पोरेट क्षेत्र एवं विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं से जुड़े हुए हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ डीआईईटी, कड़कड़डूमा के प्राचार्य डॉ. बी.के. पाल द्वारा दीप प्रज्वलन एवं स्वागत उद्बोधन के साथ किया गया। उन्होंने सभी सम्मानित स्वयंसेवकों को बधाई व शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यान्जलि स्वयंसेवक शिक्षा व्यवस्था की वह सशक्त कड़ी हैं, जो विद्यालय और समाज के बीच सेतु का कार्य कर रही है। इसके पश्चात कार्यक्रम समन्वयक डॉ. राघव आचार्य ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यान्जलि योजना के उद्देश्यों, उपलब्धियों एवं इसके व्यापक सामाजिक प्रभाव पर प्रकाश डाला। समारोह के मुख्य अतिथि माननीय गणपति तेती (संगठन मंत्री—दिल्ली, हरियाणा एवं पंजाब) ने राष्ट्रीय पुनरुत्थान में स्वयंसेवकों की भूमिका विषय पर अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि राष्ट्र का पुनरुत्थान तभी संभव है, जब समाज का शिक्षित वर्ग स्वेच्छा से आगे आकर भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करे। उन्होंने कहा कि विद्यान्जलि स्वयंसेवक ज्ञान, संस्कार और सेवा के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र की मजबूत नींव है। उन्होंने कहा कि शिक्षा से ही समाज में बदलाव आता है । शिक्षा ही व्यक्ति को जागरूक करती है । विध्यांजलि ने हजारों बालक-बालिकाओं को शिक्षा देकर समाज में सम्मान के साथ खड़ा करने में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है । उनका ओजस्वी वक्तव्य उपस्थित शिक्षकों, स्वयंसेवकों एवं विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रेरणास्रोत बना।
डीयू प्रोफेसर हंसराज सुमन को विध्यांजलि सम्मान से सम्मानित किया --- डॉ. राघव आचार्य के अनुसार विध्यांजलि सम्मान समारोह--2026 समाज के ऐसे बुद्धिजीवियों , शिक्षाविदों , समाजसेवियों को सम्मानित किया गया है जिनका अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान रहा है । प्रो.हंसराज सुमन को साहित्य , समाजसेवा के अलावा पत्रकारिता के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण कार्य करने पर सम्मानित किया गया । बता दें कि प्रो.सुमन की हाल ही में न्यू मीडिया पर -- हिंदी पत्रकारिता प्रौधोगकीय परिवर्तन का प्रभाव विषय पर पुस्तक प्रकाशित हुई है । उनके अनुसार सम्मानित होने वालों में डॉ. अंजू पाल (DURCC ईस्ट/जिला समन्वयक), डॉ. पवन कुमार (अधिवक्ता एवं शिक्षाविद्), प्रो. अशोक कुमार गुप्ता (सेवानिवृत्त प्रोफेसर, आईआईटी दिल्ली), डॉ. डी.पी. सिंह (सीनियर रीजनल डायरेक्टर, आरसी–2, इग्नू), डॉ. उर्मिला शर्मा (निदेशक, अर्वाचीन भारती भवन सीनियर सेकेंडरी स्कूल) , श्री संजीव शर्मा (निदेशक, बाल कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल), डॉ. विवेक कुमार गौतम (शिक्षाविद् एवं कवि), श्री बलजीत चौहान (चेयरमैन, एक सोच एक विचार एनजीओ), श्री राजपाल सिंह (दिल्ली शिक्षक राज्य पुरस्कार प्राप्त), डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. आकाश उपाध्याय (सहायक प्रोफेसर, दिल्ली विश्वविद्यालय), डॉ. हेमंत गौर (चिकित्सक एवं युवा उद्यमी), श्री अरविंद पाठक एवं श्री शांति लाल सहित अनेक शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम में सैंकड़ों विद्यान्जलि स्वयंसेवकों के अलावा सीआरसीसी, विद्यालय विद्यान्जलि इंचार्ज, प्रधानाचार्य, शिक्षकगण व स्वयंसेवकों की सहभागिता उल्लेखनीय रही। समारोह का समापन शिक्षा के माध्यम से सेवा, सहयोग एवं समाज निर्माण के संकल्प के साथ किया गया। अंत में कार्यक्रम में आए हुए सभी गणमान्य व्यक्तियों का धन्यवाद ज्ञापित प्राचार्य डॉ.बी के पाल ने किया ।
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