अमरावती में विश्वस्तरीय नॉलेज सिटी बनने की हैं असीम संभावनाएं
 
 नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश सरकार के सहयोग से सेंटर फॉर स्ट्रैटेजी एंड लीडरशिप (सीएसएल) द्वारा  - आंध्र प्रदेश भारत की उभरती हुई ज्ञान की राजधानी विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन विज्ञान भवन नई दिल्ली में किया गया। आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में शिक्षा प्रणाली को फास्ट ट्रैक करने के लिए एक अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा प्रदान करने के दृष्टिकोण के साथ अपनी नई राजधानी अमरावती में एक विश्वस्तरीय नॉलेज शहर का निर्माण कर रही है। इसके पीछे आंध्र प्रदेश सरकार की सोच है कि इससे प्रतिभा और नई खोज को आगे बढऩे के नए अवसर मिलेंगे। इस विकासपरक निर्माण में एपीसीआरडीए नोडल एजेंसी राज्य सरकार के साथ कदमताल कर रही है। 
             आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के प्रगतिशील नेतृत्व में राज्य सही शिक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। ये नॉलेज सिटी भावी पीढिय़ों को सीखने और समृद्ध करने के लिए एक प्रभावी मंच प्रदान करेगा। एपीसीआरडीए के कमिश्नर डॉ.श्रीधर चेरुकुरी ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह नॉलेज सिटी 4.3 लाख की अनुमानित जनसंख्या के साथ 8547 एकड़ में बनाया जाएगा जहां शिक्षा, अनुसंधान और विकास कौशल वृद्धि और स्टार्टअप के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। इस नॉलेज सिटी से 1.7 लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने की उम्मीद है। 
             कार्यशाला को संबोधित हुए ऑल इंडिया काउन्सिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (ए. आइ. सी. टी. ई) के एडवाइजर श्री राजीव कुमार  ने कहा कि नॉलेज सिटी देश में अपनी तरह का एक अनूठा सिटी होगी जो नई पीढ़ी की प्रतिभा को उजागर कर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी | 
           कार्यशाला को संबोधित करते हुए आंध्र प्रदेश सरकार के आवासीय आयुक्त प्रवीण प्रकाश ने कहा कि राज्य के लोगों की आकांक्षाओं और प्रेरणा को पूरा करने के लिए एक विश्वस्तरीय शहर बनाने के लिए सरकार पूरी तरह से जुटी हुई है। स्कूल, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों, कौशल विकास केंद्रों, अनुसंधान केंद्रों और स्टार्टअप ऊष्मायन केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। 
               बड़े निवेशकों के साथ जुडऩे और नॉलेज सिटी में निवेश के लिए राज्य सरकार की गंभीरता को रेखांकित करते हुए आर्थिक विकास बोर्ड की ओएसडी सुश्री भावना सक्सेना (आईपीएस) ने राज्य में निवेश करने में रुचि रखने वालों को बेहतर माहौल देने का वादा किया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि जल्द इकोसिस्टम के साथ अमरावती शहर निवेशकों के लिए एक विश्वस्तरीय स्टार्टअप हब बन जाएगा। 
               आंध्र सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव आदित्यनाथ दास ने कहा कि  सरकार का लक्ष्य और प्रयास है कि छात्रों को विश्व स्तर की शिक्षा प्रणाली मिले जो उनको प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगी। 
          सेंटर फॉर स्ट्रैटजी एंड लीडरशिप के मुख्य कार्यकारी और निदेशक विकास शर्मा के अनुसार एक अच्छी शिक्षा प्रणाली मानव उन्नति के लिए ज्ञान निर्माण की सुविधा प्रदान करती है। नॉलेज सिटी न केवल अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देगा बल्कि युवाओं के बीच रोजगार कौशल को भी बनाएगा। अब  राज्य अपने मूल पर ज्ञान के साथ एक शहर का निर्माण करके नये युग की शुरुआत कर रहा है।
             कार्यशाला में नेशशल मीडिया नेटवर्क ग्रुप ऑफ न्यूजपेपर्स के समूह संपादक दयानंद वत्स, दिल्ली विश्वविद्यालय की विद्वत.परिषद के सदस्य प्रो. हंसराज सुमन, अखिल भारतीय स्वतंत्र पत्रकार एवं लेखक संघ, नेशनल एजुकेशनल मीडिया नेटवर्क, प्रशिक्षित शिक्षक संघ दिल्ली और देशभर के प्रमुख स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप, विकास बैंक, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठनों, शिक्षाविदों, थिंक टैंक, मीडिया और आधारभूत संरचना डेवलपर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।