लददाख में बनेगा सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय

 

  • सरकार ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनाने की प्रक्रिया की शुरु
  • मौजूदा केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में होगा संशोधन, विधेयक पेश

 
  नई दिल्ली।    केन्द्र शासित प्रदेश लददाख में जल्द ही सिंधु केन्द्रीय विश्वविद्यालय के नाम से केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी। केन्द्रीय शिक्षा मंत्रालय ने लददाख में इस केन्द्रीय विश्विविद्यालय की प्रक्रिया शुरु कर दी है। विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये मौजूदा केन्द्रीय विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन किया जायेगा। 
                    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  15 अगस्त, 2020  को राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में एक नया केंद्रीय विाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा की थी। उक्त घोषणा के अनुरूप केन्द्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाने के की दूसरी वर्षगांठ पर लददाख में केन्द्रीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की प्रक्रिया शुरु कर दी है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने आज इस संबध में लोकसभा में केन्द्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक पेश किया।  हाल ही में स्वीकृत केंद्रीय विश्वविद्यालयों के अनुमानों के अनुसार, सिंधु केंद्रीय विाविद्यालय की स्थापना पर होने वाले व्यय को पूरा करने के लिए अगले सात वर्षों में लगभग 750 करोड़ के बजटीय प्रावधान की आवश्यकता होगी।
                     इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिये  केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के खलत्सी गांव में लगभग  110 एकड़ भूमि की पहचान की गई हैै। यह गांव लेह और कारगिल के बीच में स्थित है। दरअसल लददाख आटोनोमस हिल डवलपमेंट काउंसिल लेह और कारगिल ने राय दी थी कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख  के इस केंद्रीय विाविद्यालय को मौजूदा विाविद्यालय के साथ विलय करने के बजाय एक अलग विाविद्यालय का विकल्प चुनना चाहिए । लददाख में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के आंकड़ों के अनुसार लगभग 4000 छात्र लद्दाख से बाहर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं । शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के अनुसार लद्दाख में एक केंद्रीय विाविद्यालय होने से उन्हें अपने संघ राज्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त होगी।
                   प्रधान ने बताया कि  हाल ही स्थापित केंद्रीय विश्वविद्यालयो में अगले सात वर्षों की अवधि में 2500 छात्रों को प्रवेश देने का अनुमान है।   सरकार का यह भी मानना है कि केन्द्रीय विश्वविद्यालय बनने से देश के बाकी हिस्सों से छात्र, संकाय सदस्य और उनके परिवार केंद्रीय विाविद्यालय आयेंगे जो इस क्षेत्र के भावनात्मक एकीकरण के लिए उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा। प्रधान के अनुसार विश्वविद्यालय देश के भावनात्मक एकीकरण, और एक भारत श्रेष्ठ भारत की अवधारणा को देश के सुदूर कोने तक ले जाने में सहायक होगा।  उन्होंने कहा कि यह विाविद्यालय, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लोगों को यह विश्वास भी देगा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है; खासकर ऐसे समय में जब चीन हमारी सीमाओं पर शरारत करने की कोशिश कर रहा है।  जम्मू और कश्मीर के संघ शासित प्रदेश में पहले से ही, जम्मू तथा श्रीनगर, प्रत्येक में एक एक केंद्रीय विाविद्यालय है।