कोरोना काल में विवेकानंद कालेज ने 12 एडहॉक टीचर्स को हटाया

 

  • * हटाये गये 23 टीचर्स में 5 टीचर्स कोरोना से पीड़ित ।
  • * ईडब्ल्यूएस रोस्टर के नाम पर रोस्टर में बदलाव से हटाया जा रहा है एडहॉक टीचर्स को
  • * 7 एससी/ओबीसी कोटे के टीचर्स भी शामिल।
  • *टीचर्स फोरम व डीटीए ने एडहॉक टीचर्स को ज्वाइनिंग कराने की मांग चेयरमैन /प्रिंसिपल से की।    

   
नई दिल्ली। दिल्ली यूनिवर्सिटी एससी/एसटी ,ओबीसी टीचर्स फोरम ने विवेकानंद कॉलेज की प्रिंसिपल द्वारा कोरोना काल में विभिन्न विभागों में कार्यरत्त 12 एडहॉक टीचर्स की सर्विस टर्मिनेट किए जाने की कड़े शब्दों में निंदा की है और कहा है कि इन 12 एडहॉक टीचर्स में 5 एडहॉक टीचर्स को कोरोना ने पूरी तरह से अपनी चपेट में लिया हुआ है । कोरोना से पीड़ित टीचर्स की हालात बहुत ही खराब है । परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है ,वहीं दूसरी ओर उनकी सर्विस टर्मिनेट कर दी गई। पिछले पांच दिनों से ये शिक्षक प्रिंसिपल व कॉलेज के चेयरमैन से गुहार लगा चुके हैं लेकिन कोई इनकी सुनने वाला नहीं है। इन शिक्षकों ने डीटीए के प्रभारी को पत्र लिखा है जिसमें अपनी ज्वाइनिंग कराने की बात की है।

               टीचर्स फोरम के अध्यक्ष डॉ. कैलास प्रकाश सिंह ने बताया है कि विवेकानंद कॉलेज में लंबे समय से विभिन्न विभागों में जैसे -- कॉमर्स--02 ,इकनॉमिक्स--01 ,इंग्लिश--03 ,कम्प्यूटर साइंस--02 ,संस्कृत--01 ,फूड टेक्नोलॉजी--01 ,मैथमेटिक्स--01 ,इन्वायरमेंट साइंस--01 में एडहॉक टीचर्स के रूप में कार्यरत्त है। इनमें 3 एडहॉक टीचर्स अनुसूचित जाति और 4 अन्य पिछड़ा वर्ग के अलावा 5 सामान्य वर्गों के है। उन्होंने बताया है कि जनवरी 2021 के महीने में भी कॉलेज प्रिंसिपल ने इन एडहॉक टीचर्स को विस्थापित करने के लिए मनमाना कदम उठाया था लेकिन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन के प्रभारी डॉ. हंसराज सुमन व डूटा के हस्तक्षेप के बाद गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन ने इन पदों पर इंटरव्यू को रोका और इन सभी 12 टीचर्स को फिर से ज्वाइनिंग कराई।उनका कहना है कि कोरोना काल में किसी भी टीचर्स को यदि हटाया गया तो उन्हें मजबूरन प्रिंसिपल के खिलाफ सड़कों पर उतरना पड़ेगा।

               आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन ( डीटीए ) के प्रभारी डॉ. हंसराज सुमन ने बताया है कि इन 12 एडहॉक टीचर्स का कार्यकाल 29 अप्रैल 2021तक था । 30 अप्रैल को इन्हें फिर से रिज्वाईनिंग लेटर ( पुनर्नियुक्ति पत्र ) दिया जाना था लेकिन विवेकानंद कॉलेज की प्रिंसिपल ने इन 12 एडहॉक टीचर्स की सर्विस टर्मिनेट 29 अप्रैल को ही कर दी। साथ ही यह निर्देश दिए हैं कि इनका वेतन तभी दिया जाए जब ये कॉलेज से क्लियरेंस ले ले।उन्होंने बताया कि डीटीए ने इन शिक्षकों को तुरंत ज्वाइनिंग कराने के लिए कॉलेज की गवर्निंग बॉडी के चेयरमैन से बात की और उन्हें एक मांग पत्र/ ज्ञापन भेजा जिसमें विभिन्न विभागों में पढ़ा रहे एडहॉक टीचर्स को जल्द से जल्द ज्वाइनिंग कराने की मांग की गई है।

         डीटीए प्रभारी डॉ.हंसराज सुमन ,अध्यक्ष डॉ. आशा रानी ,उपाध्यक्ष डॉ. नरेंद्र कुमार पाण्डेय व सचिव डॉ. मनोज कुमार सिंह ने ज्ञापन में उनसे  मांग की गई थी कि विवेकानंद कॉलेज में लंबे समय से पढ़ा रहे एडहॉक टीचर्स का इंटरव्यू ना कराया जाए , साथ ही 5 दिसंबर 2019 के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी सर्कुलर को लागू करते हुए जब तक स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू नहीं हो जाती किसी भी एडहॉक टीचर्स को उनके पदों से नहीं हटाया जाए। उनका कहना है कि कॉलेज केवल उन्हीं पदों पर इंटरव्यू कराए जो सेकेंड ट्रांच  के अंतर्गत ,या बढ़ी हुई पोस्ट या जो शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं उन पदों पर ही इंटरव्यू कराए ।डॉ. सुमन का कहना है कि कोरोना काल में ये टीचर्स कहां जाएंगे।

                डॉ. सुमन ने बताया है कि  डीटीए की ओर से कॉलेज चेयरमैन को वट्सअप के माध्यम से याद दिलाया है कि विश्वविद्यालय के अध्यादेशों / विनियमों और 5 दिसम्बर 2019 के त्रिपक्षीय एमओयू द्वारा निर्देशित निर्णय लेते हुए किसी तरह का इंटरव्यू जब तक ना कराये जब तक कि पद स्थायी न हो।उन्होंने मांग की है कि जब तक स्थायी पदों का विज्ञापन नहीं आ जाता तब तक किसी तरह का एडहॉक टीचर्स का इंटरव्यू न कराए।