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इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज में सेमिनार में खादी और महिलाओं के संबंध पर चर्चा

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का विलंबित उत्सव

 

नई दिल्ली, 14 अगस्त 2024 - दिल्ली विश्वविद्यालय के इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज में 'खादी और महिलाएं' विषय पर एक सेमिनार आयोजित किया गया, जो 7 अगस्त 2024 को मनाए गए राष्ट्रीय हथकरघा दिवस का विलंबित उत्सव था। इस दिन के मुख्य वक्ता श्री कश्मीरी लाल जी, स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय संगठन सचिव, और डॉ. ज्वाला प्रसाद, गांधी स्मृति दर्शन के निदेशक थे।

कश्मीरी लाल जी ने अपने संबोधन की शुरुआत कॉलेज की छात्राओं के अनुशासन की सराहना करते हुए की और खादी को देश में करोड़ों लोगों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने के साधन के रूप में विस्तृत किया।

कश्मीरी लाल जी के बाद डॉ. ज्वाला प्रसाद जी ने छात्राओं को खादी को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री के शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, "खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि एक शुद्ध भावना है जो भारत का प्रतिनिधित्व करती है।" उन्होंने गांधी अध्ययन मंडल के संयोजक डॉ. राजीव गुप्ता जी और महिला विकास प्रकोष्ठ की संयोजिका डॉ.  चेतना गुप्ता जी को इस आयोजन की सफलतापूर्वक व्यवस्था के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने भाषण का समापन छात्रों से आधुनिक विकास और भारत के पारंपरिक मूल्यों के बीच पुल बनाने का आह्वान करते हुए किया। प्राचार्या प्रो. पूनम कुमरिया जी ने बताया कि 1944 में, इन्द्रप्रस्थ महिला महाविद्यालय में गांधीवादी मूल्यों को बढ़ावा देने वाली एक चरखा सोसाइटी भी थी।

सेमिनार के अलावा, गांधी अध्ययन मंडल और महिला विकास प्रकोष्ठ ने युवाओं के बीच खादी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक खादी स्टॉल भी लगाया। इंद्रप्रस्थ महिला कॉलेज का इतिहास राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास से मेल खाता है, जिसमें कॉलेज की पूर्व छात्राओं ने आंदोलनों में सक्रिय रूप से भाग लिया।

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