राकेश नाथ
नई दिल्ली।कहानी लेखन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित साहित्यिक पत्रिका ‘अभिनव इमरोज़’ द्वारा पिछले वर्ष अभिनव इमरोज़ कहानी प्रतियोगिता की शुरुआत की गई थी। इस योजना के अंतर्गत वर्ष भर में पत्रिका में प्रकाशित कहानियों में से किसी एक उत्कृष्ट कहानी को पुरस्कृत करने का निर्णय लिया गया।
78 से अधिक कहानियाँ, चार चरणों में चयन
वर्ष 2025 की प्रतियोगिता के लिए 78 से अधिक कहानियाँ प्राप्त हुईं, जिन्हें पत्रिका में ‘कहानी प्रतियोगिता के लिए शीर्षक के अंतर्गत प्रकाशित किया गया। चार चरणों की जटिल और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया के पश्चात जोधपुर की लेखिका सुषमा चौहान ‘किरन’ की कहानी परकाया प्रवेश’ को सर्वश्रेष्ठ कहानी के रूप में चुना गया।
संपादक ने की सराहना
लेखिका को बधाई देते हुए पत्रिका के संपादक देवेंद्र कुमार बहल ने कहा कि परकाया प्रवेश’ पहली ही नज़र में पाठक के मन को छू लेने वाली कहानी है, जो उसे ठहरकर सोचने के लिए विवश करती है।
अन्य दस श्रेष्ठ कहानियों का चयन
प्रतियोगिता के अंतर्गत चुनी गई अन्य दस श्रेष्ठ कहानियों में संगीता माथुर की सरोकार’, डॉ. तौसिफ बरेलवी की ‘साइंसदानों का कब्रिस्तान’, आरती स्मित की ‘गूँगी हवा’, नीना अंदौत्रा की सन्नाटा’, शालिनी खन्ना की ‘अहा! धरती कितना देती है?’, इश्तियाक़ सईद की ‘नई बात’, इंजि. आशा शर्मा की चौथा ऋण’, श्री भगवान दीक्षित की ‘मुआवजा’, डॉ. प्रगति गुप्ता की ‘पहली और आखिरी कहानी’ और डॉ. आशुतोष आशु ‘निःशब्द’ की *‘घुम्मन की मेंढ़’ शामिल हैं।
निर्णायक एवं सहयोगी
प्रतियोगिता के निर्णायक सुप्रसिद्ध आलोचक हरेराम पाठक रहे। आयोजन में उपन्यासकार एकता अमित व्यास और लेखिका डॉ. रेनू यादव का विशेष सहयोग रहा।
दिल्ली में होगा सम्मान समारोह
विजेता लेखिका सुषमा चौहान ‘किरन’ को 31 जनवरी, 2026 को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में स्मृति-चिह्न, प्रमाण-पत्र एवं ₹11,000 की नगद राशि प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। साथ ही अन्य दस श्रेष्ठ कहानियों के रचनाकारों को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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