नई दिल्ली। डॉ भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के 34वें वार्षिक उत्सव के अवसर पर अकादमिक, सांस्कृतिक और अन्य प्रतिस्पर्धाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किये गये।
वार्षिक उत्सव के अवसर पर कालेज के प्राचार्य प्रो. सदानंद प्रसाद ने कॉलेज की सालभर की गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कॉलेज की शोध अकादमिक एवं अन्य उल्लेखनीय उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कक्षाओं के अलावा भी सीखने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की पूर्व चेयरपर्सन विजया भारती रुपानी ने कहा कि समावेशी समाज निर्माण आज की आवश्यकता है। शिक्षा उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। देश की प्रगति एवं विकास में शिक्षा की अहम भूमिका है और इसके केन्द्र में विद्यार्थी हैं।विशिष्ट अतिथि के रूप में कॉलेज एलुमनी एवं डिप्टी कमिश्नर इमरान रजा ने विद्यार्थियों को लगातार सीखते रहने की सलाह दी। उन्होंने शिक्षक को अपना रोल मॉडल बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रबंध समिति के अध्यक्ष प्रो. पंकज त्यागी ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास ही हमें बड़े लक्ष्य की ओर ले जाते हैं।डॉ माधुरी सहस्त्रबुद्धे ने कहा कि कॉलेज जीवन में कैरियर के लिए अनेक अवसर आते हैं। विद्यार्थी अगर लक्ष्य केन्द्रित रहते हैं तो विपरीत परिस्थितियाँ कोई प्रभाव नहीं डाल सकतीं।
भूगोल विभाग के तृतीय वर्ष के विद्यार्थी अभिषेक शर्मा को कॉलेज के सर्वोत्तम विद्यार्थी का पुरस्कार प्रदान किया गया। गणतंत्र दिवस कैम्प और परेड में हिस्सा लेने वाले अनुराग चौहान और किशन कुमार को भी पुरस्कृत किया गया। विभिन्न विभागों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को श्रीमती सीता पातंजलि, शीतला प्रसाद सिंह जयंती मेमोरियल आदि अवार्ड सहित पंद्रह विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से पुरस्कृत किया गया। दिव्यांग टॉपर प्रणव उनियाल को भी पुरस्कृत किया गया।कार्यक्रम का संचालन प्रो. पूनम मितल ने किया। कार्यक्रम संयोजक प्रो. दीपाली जैन और सह-संयोजक प्रो. ममता यादव के संयोजन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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