डिजिटल अकादमी के लिए आईआईटी खड़गपुर और सैमसंग में समझौता


      कोलकाता। संस्थान परिसर में एक डिजीटल अकादमी की स्थापना के लिए आईआईटी खड़गपुर ने सैमसंग इंडिया के साथ एक समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किया है।
      संस्थान में कंप्यूटर साइंस और इंजिनियरिंग विभाग सैमसंग की इनोवेशन लैब को संचालित करेगा और टिजेन आधारित ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से छात्रों को इंटरनेट के साजो-सामान आईओटी के बारे में प्रशिक्षित करेगा। इस सिस्टम के तहत आमतौर पर कंपनी द्वारा उसके मोबाइल फोन और घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल किया जाता है।
      आईओटी कंप्यूटिंग उपकरणों का एक नेटवर्क है जो हर रोज इस्तेमाल की जाने वाली वस्तुओं के भंडारण और सूचना के आदान-प्रदान के लिए सन्निहित है। आईआईटी खड़गपुर ने आज एक बयान में कहा   इस प्रशिक्षण से छात्रों को उद्योगों से संबधित कौशल प्राप्त करने में मदद मिलेगी और वे  नौकरी के लिए बेहतर ढंग से तैयार   हो पायेंगे।  
      बयान में कहा गया कि ये अकादमी कंपनी की कॉरपोरेट सामाजिक पहल का हिस्सा थी जिसका उद्देश्य छात्रों को अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का कौशल प्रदान करवाकर देश में डिजिटल खाई को पाटना है। यह भी कहा गया कि आईआईटी खड़गपुर के साथ इस साझेदारी के माध्यम से अकादमी ने अगले तीन सालों में 100 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित करने की योजना बनायी है।
      एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद कल सैमसंग अनुसंधान एवं विकास संस्थान, दिल्ली के प्रबंध निदेशक योंगकी ब्यून ने कहा   सैमसंग आईआईटी खड़गपुर के साथ यह समझौता करके खुश है। यह बढते डिजिटल प्रौद्योगिकी बाजार में छात्रों की मदद करेगा, खासकर इंटरनेट के साजो-सामान आईओटी और भविष्य की कनेक्टिविटी को लेकर प्रशिक्षण देने का काम करेगा।
      उन्होंने कहा कि कंपनी अगली पीढी के लिए प्रौद्योगिकी विकास के क्षेत्र में काम करने के लिए प्रतिबद्ध है। आईआईटी खड़गपुर के निदेशक पार्था प्रतिम चक्र बर्ती ने कहा कि यह साझेदारी आईओटी और कृत्रिम इंटेलिजेंस के उभरते क्षेत्रों में कौशल विकास को लेकर हमारे छात्रों की मदद करेगी।  
      सैमसंग डिजिटल अकादमी के पाठ्यक्रम में टीजेन, ऐप टेस्टिंग और डेब्यूगिंग पर वेब एप्लिकेशन विकास की मूल बातें शामिल है।
      इस पाठ्यक्रम की 14 सप्ताह की समायावधि के दौरान कक्षा व्याख्यान, असाइनमेंटस, प्रयोगशाला सत्र, स्वाध्याय और मिनी प्रोजेक्टस के माध्यम से पढाया जायेगा।
      कंप्यूटर साइंस और इंजिनियरिंग विभाग की प्रमुख सुदेशना सरकार ने कहा   यह आईओटी प्रयोगशाला हमारे छात्रों को टिजेन ऑपरेटिंग सिस्टम के अनुभव के साथ आईओटी प्लेटफॉर्म पर अनुसंधान और ऐप विकास की सुविधा प्रदान करने में सक्षम बनाएगी।