चार्टर्ड एकाउंटेंट डिग्री को स्नात्कोत्तर के समतुल्य मान्यता देने की मांग  


        नयी दिल्ली। चार्टेड एकाउटेंट के शीर्ष निकाय भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) ने चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) की डिग्री को स्नात्कोत्तर डिग्री के बराबर मान्यता देने मांग की है। साथ ही सीए-इंटरमीडिएट को स्नातक डिग्री की बराबर मान्यता देने का आग्रह किया है।
       आईसीएआई ने आज एक बयान में कहा कि उसने हाल ही में इस संदर्भ में कारपोरेट कार्य मंत्रालय को पत्र लिखा है और मामले में हस्तक्षेप का आग्रह किया है। संस्थान के अनुसार,   इससे न केवल चार्टेड एकाउंटेंट (सीए) को उच्च अध्ययन में मदद मिलेगी बल्कि उनका  काम करने का रास्ता सुगम होगा। साथ ही इससे विश्व को बेहतर क्षमता वाले पेशेवर तथा शिक्षाविद उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।  
        बयान में कहा गया है कि आईसीएआई की पठन-पाठन की समग्र व्यवस्था है। परीक्षा प्राणाली कड़ी है जहां सीए बनने वालों के लिये सैद्धांतिक शिक्षा के साथ तीन साल का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है। उन्हें एकाउंटिंग, वित्त, कर, कानून, व्यापार पण्राली और रणनीति जैसे संबंधित क्षेत्रों में कई एसाइनमेंट को पूरा करना होता है।  
        उसके अनुसार इस प्रकार का कठिन परीक्षण किसी भी स्नात्कोत्तर परीक्षा में नहीं होता है जैसा कि सीए के मामले में है। बयान में कहा गया है कि आईसीएआई की किसी भी स्तर पर परीक्षा में छात्र को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 40-40 प्रतिशत अंक प्राप्त करने होते हैं। सचाई यह है कि चार्टेड एकाउंटेंट का पाठ्यक्रम देश में कठिन पाठ्यक्रमों में से एक है और इसीलिए परीक्षा पास करने वालों का प्रतिशत कम रहता है।  
        भारतीय सनदी लेखकार संस्थान चार्टेड एकाउंटेंट कानून, 1949 के तहत सांविधिक निकाय के रूप में गठित किया गया है। इसका काम देश में चार्टेड एकाउटेंट के पेशे का नियमन करना है।