जर्जर सरकारी स्कूल के छात्रों को अन्य स्कूल में स्थानांतरित करें
 
नई दिल्ली । करावलनगर के आलोक पुंज माध्यमिक विद्यालय भवन की जर्जर हालत को देखते हुए हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया कि वह पूरे विद्यालय भवन को तोड़ दे और उसके 26 सौ छात्रों को किसी अन्य सरकारी स्कूल में स्थानांतरित कर दे। मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन व न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव की पीठ ने यह निर्देश सरकार के उस बयान पर दिया जिसमें कहा गया था कि सीपीडब्ल्यूडी ने पूरे विद्यालय भवन को पूरा खतरनाक घोषित कर दिया है।पीठ ने शिक्षा विभाग के सचिव से कहा कि वे अपने स्तर से इस मुद्दे को देखें क्योंकि यह छात्रों की सुरक्षा व शिक्षा से जुड़ा है। सरकार ने पीठ से कहा था कि विद्यालय भवन को खतरनाक घोषित कर दिया गया है और वह किसी भी समय ढह सकता है। वह उस विद्यालय के छात्रों को दूसरे सरकारी विद्यालयों में स्थानांतरित करना चाहती है और उन लोगों को नए विद्यालय में आने-जाने के लिए मुफ्त बस सुविधा दी जाएगी। सरकार ने यह जवाब एक संस्था सोशल जुरिस्ट की याचिका पर दिया जिसके अधिवक्ता अशोक अग्रवाल ने कहा था कि विद्यालय का भवन बहुत जर्जर है और वह कभी भी ढह सकता है। उसके छठी से 10वीं तक पढ़ने वाले 26 सौ छात्रों को किसी अन्य विद्यालय में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया जाय।