भारतीय संस्कृति में शिक्षकों का पद सर्वोच्च :राज्यपाल
 
 
चंडीगढ़ । हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में शिक्षकों का सदैव सम्मान किया जाता है तथा देश में प्राचीन काल से ही गुरु का पद सर्वोच्च रहा है। 
       श्री आर्य आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन में आयोजित राज्य शिक्षक पुरस्कार समारोह में शिक्षकों को सम्मानित करने के बाद संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्यभर के 32 शिक्षकों को राज्य शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि गुरु -शिष्य का रिश्ता भी प्राचीनकाल से ही पावन और प्रगाढ़ रहा है। संत कबीर ने तो गुरु-महिमा का वर्णन इस प्रकार किया है‘‘गुरु गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पाय।बलिहारी गुरु आपने, जिन गोविन्द दियो बताय।‘‘
        राज्यपाल ने कहा कि गुरूओं द्वारा दी गई श्रेष्ठ शिक्षा के ही परिणामस्वरूप कभी भारत को विगुरु का दर्जा प्राप्त था। इतिहास साक्षी है कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विविद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने के लिए पूरे संसार से छा आते थे। उन्होंने शिक्षकों का आवान किया कि वे भारत को फिर से विगुरु बनाने में अपना योगदान दें ।
    आर्य ने पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे महान शिक्षक, चिन्तक, दार्शनिक और विद्वान थे।वे जानते थे कि शिक्षक समाज का वह अंग है जो भावी पीढ़ी का निर्माण करता है। शिक्षक ही समाज को राजनेता, समाजनेता, प्रशासक, विज्ञानवेत्ता, सैनिक, तकनीशियन आदि देते हैं। इसलिए आपको राष्ट्र-निर्माता कहा जाता है। 
   उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में स्वामी विवेकानन्द के उस कथन को याद रखना जरूरी है जिसमें उन्होंने कहा था कि शिक्षा हमारी राष्ट्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप होनी चाहिए। इसी आवश्यकता को पहचानते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 2000-2001 में‘सर्व शिक्षा अभियान’की शुरुआत की थी। इसका मुख्य उद्देश्य 6 से 14 साल तक के बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करना था। अटल जी का सपना साकार करने के लिए शिक्षक दिवस पर संकल्प लें कि हर बच्चे को शिक्षा प्रदान करना सुनिश्चित करेंगे।
   उन्होंने कहा कि अटल जी एक परिश्रमी व पराक्रमी भारत बनाना चाहते थे। उन्हीं के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2022 में न्यू इंडिया की कल्पना की है। इसे साकार करने के लिए उन्होंने कौशल विकास का नारा दिया। 
    राज्यपाल ने बताया कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में प्रदेश के 1051 स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स चलाए जा रहे हैं।सुशासन एवं पारदर्शी प्रशासन और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टोलरेंस नीतियों की देशभर में चर्चा है।