दीक्षांत समारोह की सभी उद्घोषणाएं एवं सम्भाषण भी हिन्दी में हों : राज्यपाल 
 
 
  मथुरा। राज्य के 28 विविद्यालयों के कुलाधिपति होने के चलते भारतीय रहन-सहन के पक्षधर एवं हिन्दी भाषा के अनन्य प्रेमी होने के चलते उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने दो वर्षों से विविद्यालयों के दीक्षांत समारोह के दौरान पहने जाने वाली पारंपरिक वेशभूषा  को परिवर्तित किए जाने के बाद अब उसकी संचालन भाषा को भी परिवर्तित किए जाने की इच्छा जाहिर की है।
  राज्यपाल यहां पं. दीनदयाल उपाध्याय पशुचिकित्सा विज्ञान विवि एवं गौ अनुसंधान संस्थान के 8वें दीक्षांत समारोह में शामिल होने यहां पहुंचे थे। अपना अध्यक्षीय भाषण समाप्त करने से पूर्व कुलाधिपति ने उम्मीद जताई, ‘‘जिस प्रकार भारतीय परिधान लागू कर दिया गया है उसी प्रकार भारतीय भाषा- राष्ट्रभाषा हिन्दी को ही दीक्षांत समारोह की आधिकारिक भाषा के रूप में मान्य कर लिया जाए, तो बेहतर होगा। उनका आशय दीक्षांत समारोह के संचालन एवं सम्भाषण की भाषा भी परिवर्तित कर दिए जाने से संबंधित था।’’
  गौरतलब है कि इससे पूर्व वर्ष 2016 में जब वे पहली बार आए थे, तब उन्होंने दीक्षांत समारोह के दौरान अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में सौ वर्षों से भी अधिक समय से चली आ रही अंग्रेजी राज के पारम्परिक परिधानों से मुक्ति पा लेने का आह्वान किया था। उन्होंने तब कहा था, ‘जब हम अपने हर विशेष पारिवारिक एवं सामाजिक कायरें के समय स्थानीय वेशभूषा धारण करते हैं तो जिन्दगी के इतने अहम पड़ाव (डिग्री हासिल करते वक्त) पर ही क्यों दूसरों की सभ्यता को जबरिया धारण करते हैं।’’