दूसरे की जगह परीक्षा देने वाले गिरोह का भंडाफोड़

एसएससी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाकर परीक्षा दिलाता था

एसओजी ने बिहार के तीन युवकों समेत जयपुर में चार को दबोचा

 

जयपुर। एसओजी ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाकर परीक्षा दिलाता था। एसओजी ने गिरोह के चार शातिरों को गिरफ्तार किया है। एसओजी व एटीएस के अतिरिक्त महानिदेशक उमेश मिश्रा ने बताया कि पिछले दिनों एसओजी को सूचना मिली थी कि 14 व 15 जलाई को पुलिस कांस्टेबल एवं 15 जुलाई को एसएससी की होने वाली परीक्षा में दिल्ली व बिहार से कुछ लड़के परीक्षार्थीयों की जगह बैठकर परीक्षा देंगे। इस पर एसओजी डीआईजी संजय श्रोत्रिय के नेतृत्व में एसओजी की टीमों ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर निगरानी रखी। इस दौरान रविवार को नारायण सिंह सर्किल पर कुछ संदिग्ध लड़के दिखाई दिए जो दिल्ली जाने वाली बसों का इंतजार कर रहे थे। एसओजी टीम ने लड़कों से पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम प्रमोद कुमार यादव, निवासी ग्राम पोस्ट बनैरिया भाया भपटियाही थाना कि-रुयानपुर जिला सुपौल बिहार, विनय कुमार गुप्ता निवासी ग्राम-पोस्ट हेटुवा, तहसील राजपुर जिला बक्सर, बिहार, अवनी कुमार सिंह राजपूत निवासी हवाई अड्डा चौक मोतीहारी थाना छतोनी जिला पूर्व चंपारण बिहार एवं चेतराम मीणा निवासी कल्याणपुरा थाना राजग-सजय जिला अलवर राजस्थान बताया। प्रारंभिक पूछताछ में प्रमोद, विनय व अवनी ने जयपुर में होने वाली एसएससी की परीक्षा विभिन्न केंद्रों पर देकर आना तथा चेतराम मीणा ने प्रमोद के साथ परीक्षा दिलाने के लिए साथ जाना बताया। तलाशी में उनके पास एसएससी, नागरिक पुलिस व आरक्षी प्रादेशिक आम्र्ड कांस्टेबलरी के प्रवेश पत्र, विभिन्न परीक्षार्थियों की फोटो, परीक्षा की ओएमआर शीट, परीक्षार्थियों के आधार कार्ड, ड्राईविंग लाईसेंस इत्यादि संदिग्ध दस्तावेज पाए गए। आरोपियों से पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रमोद कुमार यादव यह परीक्षा देने पटना से हवाई जहाज से दिल्ली आया तथा दिल्ली से टैक्सी से जयपुर आया और दूसरे परीक्षार्थी की जगह परीक्षा दी। इसी प्रकार विनय व अवनीष भी दिल्ली से एक दिन पहले जयपुर आए और दूसरे परीक्षार्थियों की जगह बैठकर परीक्षा दी। ये लोग राज्य में कई लोगों के सम्पर्क में थे, जिनसे उनके फोटो, परिचय पत्र आदि मंगवाकर फोटो मिक्सिंग से अपना हुलिया लगभग उसी प्रकार का बनाते और उसी फोटो को एडमिट कार्ड को परीक्षा देते समय उपयोग करते थे।उन्होंने बताया कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि विनय कुमार रविवार को दूसरी पारी में राजस्थान पुलिस की भर्ती परीक्षा देने सीकर गया था, लेकिन परीक्षा केंद्र पर कड़ी पुलिस व्यवस्था देख परीक्षा दिए बिना ही लौट आया। इस अंतरराज्यीय गैंग के मुख्य सरगना की तलाश के लिए एसओजी की कुछ टीमें बाहर भेजी गई हैं।