लखनऊ विविद्यालय में हंगामा, तोडफोड, चले ईट-पत्थर

  • एक दर्जन प्रोफेसर से मारपीट, विविद्यालय अनिश्चितकाल के लिए बंद
  • प्रवेश परीक्षा और काउंसलिंग में गड़बड़ी को लेकर फूटा गुस्सा
  • पीजी प्रवेश की काउंसलिंग रोकी गयी 
  • वाहनों में तोड़फोड़, कई छात्रनेता गिरफ्तार


 लखनऊ। लखनऊ विविद्यालय की प्रवेश परीक्षा और काउंसिलिंग में कई महीनों से गड़बड़ी की शिकायत को लेकर लविवि प्रशासन की तानाशाही झेल रहे छात्रों ने बुधवार को न केवल कुलपति प्रो.सुरेन्द्र प्रताप सिंह के साथ बदसलूकी की, बल्कि प्राक्टर विनोद कुमार सिंह व राजकुमार सिंह को छात्रों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके कपड़े फाड़ दिये। यही नहीं इस मारपीट में लविवि के आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ प्रोफेसरों को भी मारपीट व बदसलूकी का शिकार होना पड़ा। अराजक छात्रों की इस हरकत से न केवल पीजी प्रवेश की काउन्सिलिंग रोक दी गयी , बल्कि अनिश्चितकाल के लिए लविवि को बन्द कर दिया गया। इसके अलावा पीजी में एडमीशन को लेकर भूख हड़ताल कर रहीं पूजा शुक्ला समेत डेढ़ दर्जन छात्रनेता गिरफ्तार किये गये हैं। पूजा शुक्ला को देर रात पुलिस अभिरक्षा में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई महीनों से लविवि प्रशासन की तानाशाही झेल रहे आम छात्रों का गुस्सा बुधवार को न केवल लविवि कुलपति प्रो.सुरेन्द्र प्रताप सिंह पर फूटा बल्कि लविवि की ‘‘किचेन कैबिनेट’ कहे जाने वाले प्राक्टर विनोद कुमार सिंह, चीफ प्रोवोस्ट श्रीमती संगीता रानी, पूर्व रजिस्ट्रार रहे राजकुमार सिंह, एडिशनल प्रोवोस्ट गुरनाम सिंह समेत एक दर्जन टीचरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सीसीटीवी फुटेज व प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि उपद्रवी छात्रों का नेतृत्व पूर्व स्टेट लेवल बाक्सर आशीष मिश्रा ‘‘बाक्सर’ कर रहा था। कहते हैं कि तानाशाही ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती, कुछ इसी तर्ज पर कई महीनों से लविवि प्रशासन की घपलेबाजी देख रहे छात्र आशीष मिश्रा ‘‘बाक्सर’ के नेतृत्व में दर्जनों छात्र प्रवेश समन्वयक प्रो.अनिल मिश्रा से अपना विरोध दर्ज कराने जा रहे थे, लेकिन इस बीच छात्रों की काफी संख्या देखकर प्राक्टर विनोद सिंह ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद छात्र अचानक न केवल उग्र हो गये बल्कि अराजक हो गये। उन्होंने पहले तो प्राक्टर विनोद सिंह को मारना शुरू कर दिया और उनके कपड़े फाड़ डाले, बीच बचाव करने आए ए़िडशनल प्राक्टर गुरनाम सिंह और पूर्व रजिस्ट्रार राजकुमार सिंह को भी तमाचे जड़ दिये। बहरहाल इस बीच उधर से कुलपति का वाहन निकला तो छात्रों ने उन्हें भी रोकने का प्रयास किया और गुम्मे चलाना शुरू कर दिया, जिसके बाद उनकी कार का शीशा टूट गया। इस बीच वहां मौके पर जो भी शिक्षक पहुंचा उसके साथ भी बदसलूकी हुई।