राजस्थान : शिक्षा विभाग में अफसर बढ़ेंगे, घटेंगे 3000 कर्मचारी

पद समाप्त करने से सरकार को सालाना 80 करोड़ रपए की बचत होने का अनुमान शिक्षा विभाग के कार्यालयों का होगा पुनर्गठन

जयपुर। सरकार शिक्षा विभाग में अफसरों की संख्या बढ़ाने और कर्मचारियों की संख्या घटाने जा रही है। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के जिलों में स्थित विभागीय कार्यालयों के पुनर्गठन का खाका तैयार किया है। इसको आधार मानें तो करीब 700 अफसर बढ़ने की स्थिति पैदा हो जाएगी। साथ ही इन कार्यालयों में काम कर रहे मंत्रालयिक कर्मचारियों के करीब तीन हजार पद समाप्त हो सकते हैं। पदों के समाप्त होने से सरकार को 80 करोड़ रपए सालाना बचत का अनुमान लगाया जा रहा है। विभाग ने कार्यालयों के पुनर्गठन के खाके को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जल्द ही वित्त विभाग और विधि विभाग की राय के लिए इसको भेजा जाएगा। शिक्षा विभाग के इस प्रस्ताव को अगर मंजूरी मिल गई तो आने वाले दिनों में पुराने र्ढे पर चल रहे शिक्षा विभाग की एक अलग ही तस्वीर सामने आएगी। विभाग की प्रस्तावित कार्यालयों के पुनर्गठन की योजना के मुताबिक अब उपनिदेशक के स्थान पर चीफ रीजनल एजुकेशन ऑफिसर (सीआरईओ), जिला शिक्षा अधिकारी के स्थान चीफ डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन ऑफिसर (सीडीईओ) और ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी के स्थान पर ब्लॉक चीफ एजुकेशन ऑफिसर (बीसीईओ) लगाया जाना प्रस्तावित है। विभाग की इस कवायद में उपनिदेशक कार्यालयों के करीब 325 पद, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के 950 पद और ब्लॉक प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में मंत्रालयिक स्तर सहित 1700 अन्य पद समाप्त हो जाएंगे। खास बात यह है कि पदों की इस कटौती के बीच अफसरों के पद बढ़ जाएंगे। अभी उपनिदेशक 16 हैं, लेकिन जिलों में 33 उपनिदेशक कैडर के पद सृजित होंगे। इससे करीब 17 उपनिदेशक कैडर के पद बढ़ जाएंगे। इसी प्रकार ब्लॉक पर डीईओ कैडर का पद होने से 374 नए पद बढ़ जाएंगे। इसी प्रकार ब्लॉक में बीईईओ कैडर का अभी एक ही पद है। लेकिन सभी 301 ब्लॉकों में एक अतिरिक्त पद सृजित होना प्रस्तावित है। इससे बीईईओ कैडर के 301 नए पद सृजित हो जाएंगे।वर्तमान में प्रदेश में 16 उपनिदेशक कार्यालय संचालित हैं। इनमें नौ माध्यमिक शिक्षा में और सात प्रारंभिक शिक्षा में हैं। प्रस्तावित योजना के मुताबिक इन कार्यालयों के स्थान पर अब केवल नौ चीफ रीजनल एजुकेशन ऑफिसर के कार्यालय खोले जाएंगे। यहां संयुक्त निदेशक कैडर के अफसर को लगाया जाएगा। उपनिदेशक कार्यालयों के कर्मचारियों को सीआरईओ कार्यालयों में समायोजित किया जाएगा।