प्रवेशार्थियों द्वारा दाखिला रद्द करवाने से कालेज परेशान  
दाखिला रद्द करने के अधिकार सीमित करने होंगे

नई दिल्ली। दिल्ली विविद्यालय से सम्बद्ध कॉलेजों की दाखिला प्रक्रिया में कटऑफ आने के बाद प्रवेशार्थियोें द्वारा दाखिला रद्द करवाने के चलते कॉलेजों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि स्थिति यह हो जा रहीं है कि जितने विद्यार्थी दाखिला लेते हैं, उसी के आसपास दाखिला रद्द हो जा रहे हैं। यह स्थिति दूसरी से लेकर तीसरी कटऑफ और उसके बाद की कटऑफ में देखने में आ रही है। इसके चलते कॉलेजों को कटऑफ निर्धारण में खासी परेशानी होती है। अरबिंदो कॉलेज के प्राचार्य डॉ विपिन कुमार अग्रवाल ने बताया कि हर कटऑफ में हमारे सामने यह स्थिति हो रही है कि जितने दाखिले होते हैं, उतने ही दाखिले रद्द करवाए जा रहे हैं। तीसरी कटऑफ में भी यही स्थिति रही। कॉलेज में 90 दाखिले हुए और 88 रद्द हो गए। इस कारण हमें यह दिक्कत होती है कि अगली कटऑफ कितनी कम की जाए। यदि हम ज्यादा कम करते हैं तो ओवर एडमिशन का खतरा रहता है और कम करते हैं तो सीटें नहीं भरने की स्थिति हो जाती है। ऐसे में हमारे सामने एक ही विकल्प रहता है कि हम कम गिरावट कर सकते हैं। इस कारण दाखिला प्रक्रिया लंबी चलती रहती है। हमारे पास कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है, जिसके आधार पर हम सही कटऑफ तय कर सकते हैं, लिहाजा बीते सालों को अनुभव के आधार पर ही हमें हर बार कटऑफ लिस्ट बनानी होती है। आर्यभट्ट कॉलेज के प्राचार्य डॉ मनोज सिन्हा ने कहा कि हर साल कॉलेजों के समक्ष यह समस्या हो रही है कि जितने दाखिले होते हैं, उतने ही रद्द हो जा रहे हैं। डॉ सिन्हा ने बताया कि दरअसल प्रवेशार्थियों को इतने अधिकार दे रखें हैं कि वह हर कटऑफ में दाखिले रद्द करवा लेता है, जिससे कॉलेजों में एक तरफ दाखिले होते हैं तो दूसरी कटऑफ में सीटें खाली हो जाती है। उन्होने कहा कि इस समस्या का एक ही समाधान है कि दाखिला रद्द करने के अधिकार सीमित करने होंगे। तभी इस समस्या का हल निकाला जा सकता है। राजधानी कॉलेज के प्राचार्य डॉ राजेश गिरि ने बताया कि कॉलेजों के समक्ष यह स्थिति तो रहती है, जिससे कटऑफ के लिस्ट के निर्धारण में समस्या होती है। हालांकि इस बार कॉलेजों को दूसरी कॉलेज की कटऑफ लिस्ट देने का मौका दिया गया है, जिससे थोड़ी राहत हुई है। लिहाजा हम लोग भी दूसरे कॉलेज की कटऑफ लिस्ट व दाखिले में सीटें खाली होने की स्थिति को देखते हुए सावधानीपूर्वक कटऑफ जारी करते हैं।