शिक्षा बिना विकास की कल्पना नहीं : मुमरू

दुमका । झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुमरू ने शिक्षा को विकास की कुंजी बताया और कहा कि शिक्षा के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।
        श्रीमती मुमरू ने आज यहां प्लस टू पिछड़ी जाति आवासीय विद्यालय कुरुव में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बच्चों से अपना आत्मविास मजबूत रखने का आवान किया। उन्होंनें कहा कि बच्चे अपने मन को कभी छोटा ना करें।  सभी बच्चे अपने आप मे खास हैं। लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करें एक दिन सफलता आपको अवश्य मिलेगी। 
         राज्यपाल ने विद्यालय के इतिहास की चर्चा करते हुए कहा कि इस विद्यालय में पढ़ने वाली बच्चियां पिछले कई परीक्षाओं में अच्छे नंबर के साथ उत्तीर्ण हुई हैं। उन्होंने विद्यालय के छाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी खूब मेहनत करें। हर क्षेत्रों में अपना परचम लहराए, समाज राज्य और देश का नाम रौशन करें। उन्होंने कहा कि आप में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आप सभी को अपनी ताकत पहचानने की जरूरत है। शिक्षा ही विकास की कुंजी है। शिक्षा के बिना विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है।
           श्रीमती मुमरू ने बताया कि बच्चों को समय-समय पर मोटिवेट करने की जरूरत है। जो बच्चे इस विद्यालय से पासआउट हो चुके हैं उन्हें भी एक साथ बुलाकर पुरस्कृत करने की जरूरत है । साधन सुविधा का अभाव बच्चों को नहीं हो इसका ध्यान रखा जाए। 
        राज्यपाल ने कहा कि सरकार द्वारा पिछड़ापन को दूर करने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है। सभी जरूरतमंद लोगों को इन योजनाओं का लाभ मिले इसे सुनिश्चित करने की जरूरत है। सभी मिलकर समाज के पिछड़ेपन को दूर करने का कार्य करें। हर एक व्यक्ति समाज के मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है।
        इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री डॉक्टर लुईस मरांडी ने कहा कि संथाल परगना के छह जिलों में एकमा दुमका में यह विद्यालय है। यह विद्यालय पूरे संथाल परगना में अपनी एक अलग पहचान रखता है। यहां के बच्चों और शिक्षकों को भी बेहतर रिजल्ट के लिए सम्मानित किया जाता रहा है। बेहतर शैक्षणिक वातावरण से ही विद्यालय का परिणाम अब तक शत-प्रतिशत रहा है। इससे पूर्व राज्यपाल ने विद्यालय के पुस्तकालय का विधिवत रूप से उद्घाटन किया।