शिक्षा से ही पीढियों का भविष्य बेहतर : दशरथ सिंह 

जयपुर । भारतीय सेना में लीगल एडवाईजर ( कानूनी सलाहकार ) के पद पर कार्यरत राजस्थान के  दशरथ सिंह का मानना है कि शिक्षा ही एक मात्र ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से आने वाली पीढियों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है। 
      भारतीय सेना में  शिक्षा रत्न  से सम्मानित दशरथ सिंह शेखावत देश का सर्वाधिक शिक्षित सिपाही है जिसने  कुल 34 विषयों में डिग्रीयां व डिप्लोमा प्राप्त की है और इनमें से 19 अकादमिक डिग्रीयां  इंडिया बुक आफ रिकार्ड  में दर्ज हो गयी है। उन्होंने सात विषयों में स्नातक, 9 विषयों में स्नात्तकोत्तर के अलावा पी एच  डी, नेट , एम-लिब आदि कई विषयों में डिग्रियां हासिल की है।  उनके द्वारा हासिल की गयी सर्वाधिक 11 डिग्रियों और डिप्लोमा अकेले विधि व कानून सबंधी है। 
       उन्होंने कहा कि यह विडम्बना ही है कि देश की आन बान और शान को बनाये रखने में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सैनिक को  गार्ड  की दृष्टि से देखा जाता है और उन्हें जीवन के हर क्षेा में कमतर आंका जाता है जो उसके साथ न्यायोचित नही है।
       राजस्थान के झुंझुंनू जिले के खिरोड गांव में एक गरीब किसान परिवार में जन्में श्री शेखावत ने1988 में सेना की नौंवी बटालियन राजपूत रेजीमेंट में  अपना कैरियर शुरू किया था । भारतीय सेना में रहते हुये उन्होंने लगातार अपनी पढाई जारी रखी जिसके कारण 2013 में राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित प्रशासनिक सेवा में भी उर्तीण हुये लेकिन  देश सेवा में ही लगे रहने के प्रण के कारण भारतीय सेना की नौकरी नही छोडी ।