दिल्ली के 440 सरकारी स्कूलों में लगेंगे डिजिटल स्मार्ट बोर्ड
 
  • मानव संसाधन मंत्रालय की योजना के तहत लगाये जायेंगे स्मार्ट बोर्ड
  • मई के प्रथम सप्ताह से स्मार्ट बोर्ड लगाने की होगी शुरुआत
  • मानव संसाधन मंत्रालय की सार्वजनिक कंपनी एडसिल लगायेगी स्मार्ट बोर्ड
  • स्मार्ट बोर्ड संचालन के लिये सोमवार से होगा प्रशिक्षण शुरु
 
 
 नई दिल्ली। देश भर के सरकारी स्कूलों में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाने की मानव संसाधन मंत्रालय की योजना के तहत राजधानी दिल्ली के 440 स्कूलों में प्रथम चरण में एक-एक कक्षा में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाये जायेंगे और इसकी शुरुआत मई माह के प्रथम सप्ताह से होगी। समार्ट बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी मानव संसाधन मंत्रालय की सार्वजनिक कंपनी एजुकश्ेान कंसलटेंट  एडसिल को दी गई है । 
  केन्द्र सरकार की स्मार्ट इंडिया योजना को प्राथमिक तथा माध्यमिक शिक्षा के क्षेत्र में साकार करने की पहल के तहत मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा सरकारी स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड लगाने की योजना बनाई गई है। मानव संसाधन मंत्रालय के सर्व शिक्षा अभियान एसएसए तथा राजकीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के आरएमएसए के तहत राज्यों को मंत्रालय द्वारा आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा इस योजना को देश भर में शुरु करने से पूर्व ही दिल्ली के शिक्षा विभाग ने मंत्रालय को दिल्ली के सरकारी स्कूलों में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाने का प्रस्ताव भेजा था, इस प्रस्ताव के अनुरूप ही मंत्रालय ने राजधानी के 440 स्कूलों में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाने की मंजूरी दी थी। इनमें 300 स्कूलों के लिये स्मार्ट बोर्ड लगाने की मंजूरी राजकीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत दी गई जबकि 140 स्कूलों में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाने की मंजूरी सर्व शिक्षा अभियान के तहत दी गई। फिलहाल प्रत्येक स्कूल की एक कक्षा में डिजिटल स्मार्ट बोर्ड होगा और उसी कक्षा में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों को क्रमवार पढाया जायेगा। 
डिजिटल स्मार्ट बोर्ड लगाने की जिम्मेदारी मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एजुकेशन कंसलटेंट  एडसिल को दी गई है। प्रत्येक स्कूल के एक डिजिटल स्मार्ट बोर्ड पर लगभग 1.25 लाख रुपये खर्च होंगे और सभी 440 स्कूलों पर लगभग 5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डिजिटल स्मार्ट बोर्ड की खासियत यह होगी कि सभी बोर्ड में छठी कक्षा से 10वी कक्षा तक सभी विषयों का पाठयक्रम स्मार्ट बोर्ड में डिजिटल रूप में उपलब्ध होगा और किसी भी कक्षा के छात्रों को स्मार्ट बोर्ड की कक्षा में लाकर आसानी से पढया जा सकेगा।  विभाग का मानना है कि इससे स्कूलों व कक्षाओं के प्रति छात्र छात्राओं में रूचि उत्पन्न होगी और जो बच्चे स्कूल जाने  से कतराते हैं या कक्षाओं में उपस्थित नहीं होते वह पढ़ाई में रूचि लेंगे। स्मार्ट बोर्ड संचालन के लिये सोमवार से अध्यापकों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।