विविद्यालयों में शिक्षक के रिक्त पद नहीं भरने पर पूछा कारण

जयपुर। राजस्थान के राज्यपाल एवं कुलाधिपति कल्याण सिंह ने प्रदेश के सभी विविद्यालयों के कुलपतियों को शिक्षक भर्ती की समयबद्ध कार्य योजना बनाकर प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए शिक्षकों के रिक्त पदों को नहीं भरे जाने का कारण पूछा है।
       श्री सिंह ने विविद्यालयों को कल लिखे पत्र में विविद्यालयों से यह भी पूछा है कि पदों की रिक्तता की स्थिति में उनके द्वारा शैक्षिक व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए क्या वैकल्पिक प्रबन्ध किये हैं। उन्होंने कहा कि विविद्यालय में मानक एवं योज्ञता के अनुसार पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने पर ही शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी। विविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया को शीघ सम्पादित कराये जाने के लिए वह नियमित ध्यान रख रहे हैं और स्वीकृत पदों एवं उनके सापेक्ष भर्तियों में काफी अन्तर बना हुआ है। इस अन्तर को समझने, उनके कारणों को जानने, उत्तरदायित्व निर्धारित करने एवं भविष्य के लिए समयबद्व कार्ययोजना तैयार किये जाने के लिए समस्त विविद्यालयों से नौ बिन्दुओं पर 20 अप्रैल तक सूचना मांगी गई है। 
     उन्होंने नियमित समीक्षा का क्रम शुरू किया है। वित्तीय प्रबन्धन एवं वित्तीय अनुशासन को लेकर की गई समीक्षा के बाद अब विविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती को गम्भीरता से लिया है। उन्होंने विविद्यालयों से विभागवार एवं विषयवार यूजीसी के मानकों के अनुरूप शिक्षकों की अपेक्षित संख्या की सूचना मांगी है। उन्होंने स्वीकृत पदों की वस्तु स्थिति बताने एवं स्वीकृत पदों के सापेक्ष कितने पदों पर भर्ती हुई, इसकी सूचना देने के निर्देश दिये है। 
    श्री सिंह का मानना है कि शिक्षकों के पदों पर रिक्तियों से विद्यार्थियों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।