पंजाब में छात्र संघ चुनाव घोषणा का स्वागत

अमृतसर। राष्ट्रीय छा संघ (एनएसएफ) की पंजाब प्रदेश कार्यकारिणी कमेटी ने पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य के विविद्यालयों व अन्य शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी यूनियनों के नए शिक्षा सत्र से चुनाव करवाए जाने की घोषणा का स्वागत किया है। 
               एनएसएफ के राज्य अध्यक्ष गगनदीप सिंह भाटिया और महासचिव राजवदर राजा ने आज कैप्टन अमरिंदर के इस फैसले को विद्यार्थी स्तर पर राजनीतिक लोकतात्र की बहाली बताया। उन्होंने कहा कि राज्य के शिक्षण संस्थानों में होने वाले विद्यार्थी यूनियन के चुनावों में एनएसएफ पूरी सरगर्मी से हिस्सा लेगा।   राजा ने कहा कि राज्य में खालिस्तानी दहशतगर्दी  व आतंकवाद दौरान पंजाब की सरकार की ओर से शिक्षण संस्थानों में लगभग तीस वर्षों से चुनावों करवाने की प्रक्रिया को बंद कर दिया था। इससे राज्य में छा संगठनों की राजनीतिक ग?तिविधियां पूरी तरह ठप्प हो गई थी। इसी के चलते पंजाब में शिक्षा के क्षेा में काफी ?गिरावट आ गई। उन्होने कहा कि  विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का आर्थिक व समाजिक शोषण खुल कर होने लगा। शिक्षा का व्यावसायिकरण होने लगा। 
         राजा ने कहा कि विद्यार्थियों का कोई चुना हुए प्रतिनिधि न होने के कारण राज्य में सत्तधारी पार्टियों की शिक्षा के क्षेा में हस्तक्षेप बढ़ने के कारण आम व गरीब वर्ग से शिक्षा दूर होने लगे। रोजगार के अवसर पूरी तरह एक सुनियोजित राजनीति के तहत खत्म कर दिए गए। यही कारण था कि पंजाब का युवा वर्ग विदेशों में पलायन करने लगे।  
        उन्होंने कहा कि एनएसएफ किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हुआ नहीं है। एनएसएफ एक राष्ट्रवादी विद्यार्थी संगठन है जो देश भक्ति की सोच व  विचारधारा रखने वाले विद्यार्थियों का एक प्रतिनिधि संगठन है। छात्र यूनियन के चुनावों में एनएसएफ समान विचारधारा वाले संगठनों और राजनीतिक दलों के साथ भी गठजोड करने को तैयार है। ताकि शिक्षण संस्थानों में किसी एक दल का नहीं बल्कि देश भक्ति की विचारधारा वाली शक्तियां सामने आकर राज्य को कुशल  नेतृत्व दे सकें।