ईडब्ल्यूएस दाखिले में आधार अनिववार्य नहीं : दिल्ली सरकार
 
 दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों को आधार मांगने के खिलाफ चेताया 
 
  नयी दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी के सभी निजी स्कूलों कोचेतावनी दी है कि वह  आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग( ईडब्ल्यूएस)  या वंचित वर्ग( डीजी)  के बच्चों को  आरंभिक कक्षाओं में दाखिला देते समय बच्चों का आधार नंबर नहीं मांगें और  ऐसे बच्चों को दूरी के आधार पर दाखिला देने से इनकार भी नहीं करें ।
  शिक्षा निदेशालय ने स्कूलों को लिखे एक पत्र में कहा, ‘‘ बिना सहायता वाले निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं कि ईडब्ल्यूएस/ डीजी श्रेणी के चयनितबच्चों  कोबिना किसी  बाधाके  संबंधित कक्षा में दाखिला दें।’’  पत्र में कहा गया है, ‘‘ स्कूल बच्चों का आधार नंबर ना मांगे और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उन अभिभावकों से आय प्रमाणपत्रभी  ना मांगे जिन्होंने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी बीपीएल/ खाद्य सुरक्षा कार्ड की प्रति जमा की है।’ शिक्षा विभाग ने स्कूलों को कोई भी स्कूल फीस मांगने और ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के तहत छात्रों को दाखिला देने से इनकार करने के खिलाफ भी चेताया। उसने कहा कि स्कूल दूरी के आधार पर या छिटपुट वर्तनी की गलती की आड़ में दाखिला देने से इनकार ना करें।  
स्कूलों से दाखिले के लिए आने वाले अभिभावकों के लिए हेल्प डेस्क बनाने और उनसे सहानुभूतिपूर्वक एवं विनम्रता से बात करने के लिए कहा गया है। निदेशालय ने पत्र में कहा, ‘‘विभाग बगैर सहायता वाले निजी मान्यताप्राप्त स्कूलों के निरीक्षण के लिए जिला स्तर पर टीमों का गठन करने जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईडब्ल्यूएस/डीजी श्रेणी के उम्मीदवारों का दाखिला जारी दिशा निर्देशों के अनुसार हो रहा है।’’
             ईडब्ल्यूएस श्रेणी के तहत वे छात्र आते हैं जिनके परिवार की सालाना आय एक लाख रुपये से कम है। वंचित वर्ग की श्रेणी में एससी, एसटी, ओबीसी, नॉन क्रीमी लेयर, शारीरिक रूप से अक्षम, अनाथ और ट्रांसजेंडर तथा एचआईवी से पीड़ित बच्चे आते हैं।  सभी स्कूलों में इन दोनों श्रेणियों के लिए कुल 25 फीसदी सीटें आरक्षित रखी जाती हैं।  दोनों श्रेणियों के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया 22 जनवरी को शुरू हुई थी और 21 फरवरी को खत्म हुई थी।