दस लाख छात्र-छात्राओं का परीक्षा छोड़ देना गम्भीर विषय : दिनेश शर्मा    

      गोण्डा। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने आज कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षा में 10 लाख से अधिक छात्र छात्राओं के परीक्षा छोड़ने को सरकार ने गम्भीरता से लिया है और वह अगले शिक्षण सत्र में विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करेगी।          शर्मा ने दीन दयाल शोध संस्थान में आयोजित अखिल भारतीय लोक कला संगम को सम्बोधित करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्य की योगी सरकार शिक्षा के गुणात्मक सुधार के लिए कृत संकल्प है। इस बार 10 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने यूपी बोर्ड की परीक्षा छोड़ी है। यह चिंता का विषय है। भविष्य में ऐसा ना हो, इसके लिये विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी, ताकि छात्र-छात्राओं को कोर्स पूरा हो सके। 
        उन्होंने कहा कि इस दिशा में काम करते हुए सरकार ने शिक्षकों की भर्ती, पाठ्यक्रम में सुधार, नकल रहित परीक्षा का सम्पादन और अनावश्यक छुट्टियों को खत्म करने की दिशा में कदम उठाया है। शिक्षकों की कमी को देखते हुए 10,609 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही अब कम से कम 180 दिन कक्षाओं का संचालन सुनिश्चित किया जायेगा।          राज्य के माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि यूपी बोर्ड तथा केन्द्रीय बोडरें के बीच असमानता को समाप्त करने के लिए सरकार ने पाठ्यक्रम में बदलाव का निर्णय लिया है। अप्रैल माह से शुरू होने वाले नए शिक्षा सत्र से प्रदेश भर के सभी कालेजों में एनसीईआटी पाठ्यक्रम शुरू कर दिए जायेंगे।   
       उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा पण्राली में भी व्यापक सुधार का निर्णय लिया है। इसके तहत दो-ढ़ाई महीने तक चलने वाली यूपी बोर्ड की परीक्षाओं को इस बार एक माह में खत्म कराया है। अगले शिक्षा सत्र से यह परीक्षाएं अधिकतम एक पखवाड़े में करा ली जायेगी।          शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में सरकार नकल माफियाओं की कमर तोड़ चुकी है। इससे पहले प्रदेश के कुछ जिलों में विदेश में रहने वाले बच्चों को भी परीक्षा में शामिल होना दिखाकर उन्हें पास करा दिया जाता था। इसके बाद अब सरकार उच्च शिक्षा में भी नकल को पूरी सख्ती से रोकेगी।   
       राज्य की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी की पराजय के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीति में हार-जीत लगी रहती है। हाल में हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में पार्टी को मिली जबरदस्त सफलता किसी से छिपी नहीं है।