छात्रों के विरोध बाद सरकारी कालेज में ड्रेस कोड का आदेश वापस    

 
     जयपुर। राजस्थान के सरकारी महाविद्यालयों में कुछ दिन पूर्व छात्रों को यूनिफार्म में आने के दिये गये आदेश को छात्रों के विरोध के कारण कालेज शिक्षा निदेशालय ने आज वापस ले ?लिया है।  
       मुख्यमंत्री वसुंधरा ने ट्वीट के जरिये कहा कि कालेज शिक्षा निदेशालय ने सरकारी महाविद्यालयों में यूनिफार्म के आदेश छात्रों के प्रतिनिधियों के सुझावों के बाद लागू किया था।        उन्होंने कहा, ‘‘यूनिफार्म की अनिवार्यता से कई छात्र नाखुश है। ऐसा मेरी संज्ञान में लाया गया। इसलिये मैंने यूनिफार्म की अनिवार्यता हटाने कर स्वेच्छा से पहनने के निर्देश दिये।’’        उन्होंने कहा कि हम बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने के लिये हर जरूरत को पूरा करने के लिये प्रतिबद्व है।      
      गत 4 मार्च को भाजपा सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2018-19 से छात्रों को यूनिफार्म ?की अनिवार्यता का निर्णय किया था, लेकिन छात्रों के विरोध और विपक्षी कांग्रेस के भगवाकरण के आरोपों के कारण आदेश को वापस ले लिया गया।       कालेज शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी एक पत्र में सभी सरकारी महाविद्यालयों के प्राध्यापकों से छात्र और छात्राओं के ड्रेस के रंग के बारे 12 मार्च तक बताने को कहा गया था।       
             भाजपा सरकार के इस निर्णय को आरएसएस का एजेंडा बताते विपक्ष कांग्रेस ने विरोध किया।       कांग्रेस ने मुख्य सचेतक गोंविंद डोटासरा ने कहा कि सरकार ने शैक्षणिक पाठ्यक्रम बदल दिया और अब महाविद्यालयों में भगवाकरण का प्रयास किया जा रहा है। हम इसका विरोध करते हैं और ऐसे किसी भी प्रयास को लागू नहीं होने देंगे। राजस्थान की उच्च शिक्षा मंत्री किरण माहेरी ने बताया कि सरकार ने महाविद्यालयों में यूनिफार्म की अनिवार्यता का निर्णय छात्रों की मांग के चलते लिया गया है। महाविद्यालयों में बाहरी तत्वों के प्रवेश को रोकने के लिये ड्रेस कोड के लिये छात्रों ने मांग की थी।