गैर मान्यता प्राप्त स्कूलो के 10 लाख बच्चे बनायेंगे मानव श्रृंखला

नई दिल्ली। दिल्ली के 3000 गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चे आगामी मंगलवार को प्रातः 9 बजे से 9ः15 बजे तक अपने स्कूलां के बाहर मानव श्रृंखला बनाकर अपने स्कूलों को बन्द ना करने की दिल्ली सरकार से गुहार लगायेंगे। लगभग 10 लाख बच्चे अपने हाथों में नारे लिखी हुयी तखती लेकर दिल्ली के लोगों को बतायेंगे कि किस प्रकार दिल्ली सरकार उनके स्कूलों को बन्द करके उनके शिक्षा के अधिकार को छीन रही है।
ज्ञातव्य हो कि दिल्ली सरकार ने 7 फरवरी 2018 को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009 की धारा 18 व 19 हवाला देकर इन स्कूलों को 1 अप्रैल 2018 से बन्द करने का आदेश देकर लगभग 10 लाख बच्चों के शिक्षा के अधिकार को छीन लिया है तथा 1 अप्रैल 2018 के बाद चलने स्कूलों पर एक लाख का जुर्माना व 10 हजार रूपये रोज का जुर्माना स्कूल संचालको को देना होगा।
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मेनेजमेन्ट एक खुली पंचायत में लिय गया ये पंचायत एसो. के अध्यक्ष श्री आर.सी. जैन ने बताया कि इस आश्रय का प्रस्ताव पास आज एसो. को ब्लॉक 18 दक्षिण पूरी दिल्ली - 62 में खुले आसमान के नीचे हुयी जिसमें सर्वसम्पत्ति से फैसला लिया गया। इस सभा में पूरी दिल्ली के लगभग 200 सदस्यों ने भाग लिया इसमें सभी स्कूल संचालक अपने बच्चों को एक लिखित अपील भी उनके अभिभावकों को देगे (कापी संलग्न है) जिसमें सरकार द्वारा इन स्कूलो से प्रभावित होने वाले अभिभावको को जानकारी दी गयी है कि किस प्रकार सरकार गरीबों के स्कूलों को बन्द करके उनके शिक्षा के अधिकार को छीन रही है
श्री जैन ने बताया कि इस खुली पंचायत में सरकार से मांग की गयी कि सरकार मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून-2009 की धारा 6 का पालन करे जिसमें इस कानून के लागू होने के तीन वर्ष के अन्तर्गत दिल्ली में स्कूलों की कभी को पूरा करने की बात की गयी है। पहले सरकार दिल्ली में इतने स्कूल बनाये कि गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बन्द करने के बाद सबको दाखिला मिल जाये। उसके बाद ही सरकार स्कूल बन्द करने की बात करे। खुली पंचायत में त्रिलोक पुरी, कल्याण पुरी, मंगोल पुरी, दक्षिण पुरी, संगम विहार, भलस्वा गांव, जहांगीर पुरी, बुराड़ी, उत्तम नगर, न्यू अशोक नगर, दुर्गापुरी, करावल नगर, सोनिया विहार विश्वास नगर, शाहदरा, विकास पुरी, गोयला डेरी, पटेल नगर, शास्त्री नगर, सन्त नगर कबीर नगर, सीमा पुरी, नन्द नगरी, आदि लगभग 200 क्षेत्रो के प्रतिनिधि उपस्थित थे।