विविद्यालय अधिनियम में संशोधन के लिए गठित समिति ने सौंपी रिपोर्ट

 

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राज्य विविद्यालय राम नाईक को उत्तर प्रदेश राज्य विविद्यालय अधिनियम, 1973 में आवश्यक संशोधन किये जाने के लिए गठित सात-सदस्यीय समिति ने अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की।
       आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां बताया कि रिपोर्ट सौंपने वालों में समिति के अध्यक्ष एवं राज्यपाल के विधि परामर्शी एस एस उपाध्याय,  उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव श्रीमती मधु जोशी, उच्च शिक्षा निदेशालय में विधि प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ0 शैलेन्द्र कुमार तिवारी, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी-फारसी विविद्यालय  के कुलसचिव शैलेश कुमार शुक्ल शामिल थे। 
        उन्होंने बताया कि राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री नाईक समिति द्वारा सौंपी गई 21 पृष्ठीय रिपोर्ट का अध्ययन कर उचित सुझावों के साथ कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजी जायेगी। गौरतलब है कि 27 मई, 2017 को राज्यपाल की अध्यक्षता में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री डॉ0 दिनेश शर्मा के साथ राजभवन में एक बैठक का आयोजन किया गया था। इस बैठक में राज्य विविद्यालयों में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार तथा विविद्यालयों की प्रशासनिक एवं अकादमिक संरचना से संबंधित विधियों में वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप संशोधन के लिए विचार-विमर्श किया गया। 
           बैठक में राज्यपाल की प्रमुख सचिव सुश्री जूथिका पाटणकर, राज्यपाल के विधिक परामर्शदाता एस0एस0 उपाध्याय तथा अपर मुख्य सचिव (उच्च शिक्षा)  संजय अग्रवाल भी सम्मिलित हुए थे। बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसरण में राज्य सरकार ने 16 जून, 2017 को राज्यपाल एवं कुलाधिपति के विधिक परामर्शदाता  एस एस  उपाध्याय की अध्यक्षता में एक सात-सदस्यीय समिति का गठन किया था। 
        समिति को विविद्यालय अधिनियम में संशोधन के लिए छ: माह में रिपोर्ट देने तथा राज्य के समस्त निजी विविद्यालयों के अलग-अलग अधिनियमों के स्थान पर एकल अधिनियम का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कहा गया था। समिति के अन्य सदस्यों में उच्च शिक्षा विभाग की विशेष सचिव श्रीमती मधु जोशी, उच्च शिक्षा निदेशालय इलाहाबाद में  विधि प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ0 शैलेन्द्र कुमार तिवारी, ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू अरबी-फारसी विविद्यालय के कुलसचिव  शैलेश कुमार शुक्ल, एमिटी विविद्यालय के  निदेशक प्रो0 बलराज चौहान, प्रो0 जे0वी0 वैशम्पायन, तत्कालीन कुलपति, छापति शाहू जी महाराज विविद्यालय, कानपुर तथा राज्यपाल के अपर विधिक परामर्शदाता  कामेश शुक्ल थे।
          समिति ने कुल 44 बैठकें कीं जिसमें समिति के सदस्यों के अतिरिक्त उच्च शिक्षा के क्षेा से सम्बन्धित वर्तमान एवं पूर्व कुलपतियों, शिक्षकों, कॉलेजों के प्रबन्ध तन के पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, न्यायाधीशों, विधिवेत्ताओं एवं वित्त विशेषज्ञों जैसे महानुभावों से भी समिति ने विचार-विमर्श करके उनके बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किये। समिति का कार्यकाल दो माह के लिए विस्तारित भी किया गया।
         समिति ने उत्तर प्रदेश राज्य में निजी क्षेत्र में स्थापित समस्त राज्य विविद्यालयों के उनके पृथक-पृथक अधिनियमों को समाप्त करके समस्त राज्य विविद्यालयों के नियमन एवं नियांण के लिए एकल अधिनियम बनाये जाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य निजी विविद्यालय विधेयक, 2017‘’का ड्राफ्ट भी तैयार किया, जिसे समिति द्वारा माह दिसम्बर में ही राज्य सरकार को सौंप दिया गया था।