निजी विद्यालय 10 प्रतिशत तक फीस वृद्धि कर सकेंगे

भोपाल। मध्यप्रदेश में निजी विद्यालय पूर्ववर्ती वर्ष की तुलना में फीस में 10 प्रतिशत तक वृद्धि कर सकेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार निजी विद्यालयों द्वारा प्रति वर्ष ली जाने वाली फीस में अप्रत्याशित वृद्धि को रोकने के लिए प्रदेश में 22 फरवरी से मध्यप्रदेश निजी विद्यालय विधेयक-2017 लागू कर दिया गया है। विधेयक के प्रमुख प्रावधान के अनुसार विद्यालय प्रबंधन पूर्ववर्ती वर्ष के लिए नियत फीस में 10 प्रतिशत की सीमा तक वृद्धि कर सकेगा।
स्कूल प्रबंधन द्वारा यदि पिछले वर्ष के तुलना में फीस में वृद्धि 10 से 15 प्रतिशत प्रस्तावित हो, तो उसकी स्वीकृति के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित जिला समिति की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इसी प्रकार यदि फीस में वृद्धि 15 प्रतिशत से अधिक प्रस्तावित की गई हो, तो आयुक्त लोक शिक्षण की अध्यक्षता में गठित राज्य समिति इसकी मंजूरी देगी।
फीस तथा संबंधित विषयों के लिये गठित जिला समिति निजी विद्यालय के प्रबंधन और अध्ययनरत छात्र के फीस संबंधी नियमों के उल्लंघन और शिकायत प्रकरणों की जांच कर सकेगी। समिति अपनी जांच में यह पाती है कि संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा निर्धारित से अधिक फीस ली गई है तो छात्र के पालक को फीस राशि लौटाने का आदेश दे सकेगी। इसके साथ ही दो लाख रुपये तक की पेनल्टी लगाने का अधिकार जिला समिति को होगा। ऐसे प्रकरणों में जहां फीस वापसी के आदेश दूसरी बार जारी होंगे, वहां पेनल्टी की राशि चार लाख रुपये तक लगाई जा सकेगी। दो बार के बाद के प्रकरणों में समिति छह लाख रुपये तक पेनल्टी लगा सकेगी। इसके साथ ही निजी विद्यालय की मान्यता निलंबित और रद्द करने की अनुशंसा जिला समिति सक्षम प्राधिकारी को कर सकेगी।