उपस्थिति अनिवार्य करने के मुद्दे पर जेएनयू छात्रों का प्रदर्शन

  नयी दिल्ली।  कक्षा में उपस्थिति अनिवार्य करने के मुद्दे पर कुलपति के साथ बैठक की मांग कर रहे जेएनयू छात्रों ने आज विविद्यालय के प्रशासनिक ब्लॉक का ‘‘घेराव’’ किया। 
      इससे पहले दिन में जवाहर लाल नेहरू विविद्यालय छात्र संर्घ जेएनयूएसयूी के नेतृत्व में सैकडों छात्रों ने भवन के सभी द्वार के बाहर धरना दिया और बाहर जाने की कोशिश कर रहे विविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को रोककर विरोध जताया। कुलपति एम जगदीश कुमार अपने कार्यालय में थे।
      ये सभी छात्र, विविद्यालय प्रशासन से छात्रवृत्ति एवं फेलोशिप के लिये एक अकादमिक सत्र के दौरान आवश्यक 75 प्रतिशत की उपस्थिति अनिवार्य करने के इसके फैसले को बदलने और अनिश्चित काल तक के लिये रद्द की गयी अकादमिक परिषद की बैठक आयोजित करने की मांग कर रहे थे। पूर्वाह्न 11 बजे से छात्रों के एक समूह ने नाटक एवं मूक अभिनय किया तथा प्रशासनिक ब्लॉक के मुख्य द्वार के पास गीत भी गाये। छात्रों को भवन में घुसने से रोकने के लिये सुरक्षा गार्ड तैनात किये गये थे।
     इस दौरान छात्रों ने भवन के पास मानव श्रृंखला भी बनायी।  छात्रों ने करीब दो घंटे तक मुख्य प्रॉक्टर कौशल कुमार का घेराव किया था। कुमार ने संवाददाताओं को बताया, ‘‘हमलोग बस यूजीसी के दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं ना कि जेएनयू के दिशानिर्देशों का। छात्रों को प्रदर्शन करने का अधिकार है क्योंकि छात्रों का मानना है कि उनके साथ अन्याय हुआ है। उपस्थिति अनिवार्य करने के बारे में किसी से भी पूछिये तो वे यही कहेंगे कि यह जरूरी है। उपस्थिति पर फैसला अकादमिक परिषद में बहुमत से पारित हुआ था।’’
    सुबह प्रशासन को लिखे पत्र में जेएनयूएसयू ने कहा, ‘‘विविद्यालय के छात्र जेएनयूएसयू के प्रतिनिधियों की कुलपति से बातचीत का इंतजार कर रहे हैं।’’
     जेएनयूएसयू के संयुक्त सचिव शुभांशुंिसह ने कहा, ‘‘प्रशासनिक भवन की घेराबंदी का कोई आह्वान नहीं किया गया है और प्रशासनिक कार्य बिना किसी बाधा के जारी है।’’
 जेएनयूएसयू की अध्यक्ष गीता कुमारी ने कहा, ‘‘जब तक कुलपति छात्रों से नहीं मिल लेते और हमारी मांगें मान नहीं ली जातीं तब तक घेराव जारी रहेगा।’’