उच्च न्यायालय करेगा जेएनयू की याचिका पर सुनवाई

  नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विविद्यालर्य जेएनयू ने आज दिल्ली उच्च न्यायालय का रूख कर दावा किया कि छात्र प्रशासनिक खंड के 100 मीटर के दायरे में प्रदर्शन नहीं करने के उसके पूर्व के आदेश की अवहेलना कर रहे हैं।
  याचिका में अदालत के आदेश का कथित रूप से उल्लंघन करने वाले छात्रों पर अवमानना की कार्रवाई करने की मांग की गई है। यह याचिका कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर के समक्ष आई जिसने इसे आज सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
 जेएनयू ने दावा किया कि विविद्यालय परिसर में फिलहाल जो प्रदर्शन किया जा रहा है वो उच्च न्यायालय के नौ अगस्त 2017 के आदेश का उल्लंघन है, जिसमें अदालत ने छात्रों को प्रशासनिक खंड के 100 मीटर के दायरे में कोई भी आंदोलन नहीं करने का निर्देश दिया था।
 छात्रों ने कल अनिवार्य हाजिरी पर कुलपति से मुलाकात की मांग करते हुए प्रशासनिक खंड को घेर लिया था और कर्मचारियों को इमारत से बाहर नहीं निकलने दिया था।