पुणे में कश्मीरी छात्रों ने शीर्ष पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा चिंताएं साझा की

 पुणे।  हरियाणा में दो कश्मीरी छात्रों से मारपीट की घटना के बाद पुणे में घाटी के छात्रों और पेशेवरों ने अपने मुद्दों को हल करने के लिए एक ‘‘समर्पित नोडल पुलिस अधिकारी’’ की नियुक्ति की मांग की है।
जम्मू कश्मीर के करीब 100 छात्रों और पेशेवरों ने कल पुणे की पुलिस आयुक्त रश्मि शुक्ला से मुलाकात की और शहर में अपनी सुरक्षा के संबंध में चिंता जताई। 
 कश्मीरी युवाओं को शिक्षा मुहैया कराने तथा उन्हें मुख्यधारा में शामिल करने के मिशन पर काम करने वाले शहर के एक शैक्षिक संस्थान एवं एनजीओ सरहद ने यह मुलाकात आयोजित कराई। वर्तमान में पुणो में जम्मू कश्मीर के 400 से अधिक छात्र-छात्राएं पढाई कर रहे हैं। 
हरियाणा के महेंद्रगढ में जुमे की नमाज के बाद करीब 15 लोगों ने जम्मू कश्मीर के दो छात्रों की कथित तौर पर पिटाई की।
पोस्ट ग्रेजुएशन के एक छात्र ओवैस वानी से शुक्ला से मुलाकात के दौरान कहा, ‘‘अगर किसी भी कश्मीरी छात्र या पेशेवर के साथ कोई घटना होती है तो उसके पास सरहद के संस्थापक संजय नाहर सर से संपर्क करने के अलावा और कोई नहीं होता। कोई विशेष नोडल पुलिस अधिकारी खासतौर से जम्मू कश्मीर से किसी अधिकारी को पुणो में नियुक्त किया जाना चाहिए ताकि यहां पढाई कर रहे कश्मीरी छात्रों के मुद्दों को सुलझाया जा सकें।’’ 
कुछ छात्रों ने अपने अनुभव और घटनाएं साझा की कि पुलिस के साथ-साथ अन्य अधिकारियों ने उनके साथ कैसा व्यवहार किया।