54 कॉलेजों को रुसा में शामिल किया जाए : त्रिवेन्द्र 

देहरादून 16 जनवरी (वार्ता) उत्तराखण्ड के मुख्यम़ंत्री त्रिवेन्द्र  सिंह रावत ने आज केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री प्रकाश जावडेकर से राज्य के 54 कॉलेजों को राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (रुसा) में शामिल करने का अनुरोध किया।    
       मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के तहत होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा के बाद उन्होंेने कहा कि राज्य के 54 महाविद्यालयों को रुसा के तहत शामिल करने का केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री से अनुरोध किया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य में विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण के मान्यता के मामले में भी बातचीत की जायेगी। 
          उन्होंने कहा कि गुणवत्तापरक शिक्षा प्रदान करने के लिये एवं छात्र-शिक्षक अनुपात को सही करने के लिये काम किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को स्कूल तक वाहन से लाने की सुविधा प्रदान करने का प्रयास कर रही है। 
            अपर मुख्य सचिव डॉ.रणबीर सिंह ने जानकारी दी कि राज्य में अभी 19 कॉलेज निर्माणाधीन है। जिसके लिए 28 करोड़ रूपये की बजट की आवश्यकता है, जिसके सापेक्ष अभी तक 06 करोड़ रूपये उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये निर्माण कार्य रुसा के तहत सम्मिलित नहीं हैं। उन्होंने कहा  कि जो 35 प्रतिशत की धनराशि कॉलेजों के पुनरोद्धार के लिए मिलती है, यदि वह राज्य के निवर्तन पर छोड़ दिया जाये तो इस धनराशि का सही उपयोग किया जा सकता है।
           माध्यमिक शिक्षा सचिव डॉ. भूपेन्द्र कौर औलख ने जानकारी दी कि सर्व शिक्षा अभियान के तहत 921 करोड़ रुपये के सापेक्ष अभी तक 421 करोड़ रूपये ही अवमुक्त हो पाये हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों की स्थिति में सुधार लेने के लिए शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत रमसा एवं सर्व शिक्षा अभियान में विस्तार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में पांचवीं एवं आठवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं शुरू की जा रही हैं। इन परीक्षाओं में छात्र-छात्राएं परीक्षाएं अपने स्कूलों में देंगे जबकि उनकी कॉपी चेकिंग अन्य स्कूलों में की जायेगी। उन्होंने कहा कि रमसा के तहत 142 करोड़ की धनराशि जारी हुई है, जबकि 146 करोड़ रूपये मिलने बाकी हैं। 
            इस अवसर पर शिक्षा मंत्री अरविन्द पाण्डे, माध्यमिक शिक्षा महानिदेशक कैप्टन आलोक शेखर तिवारी, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बी.सी. मलकानी एवं शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।