जनमत संग्रह का इतिहास पढ़ाया जायेगा गोवा के स्कूलों में

      पणजी। गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने आज कहा कि 50 साल पहले राज्य में हुए जनमतसंग्रह का इतिहास स्कूल के पाठ्यवमों में पढाया जाएगा। 
 यह तटीय राज्य जनमतसंग्रह की वषर्गांठ पर आज ‘अस्मिता दिवस’ मना रहा है। यह जनमत संग्रह 16 जनवरी, 1967 को पडोसी राज्य महाराष्ट्र के साथ गोवा को मिलाने को लेकर आयोजित हुआ था।  इस अवसर पर मरगांव में आयोजित एक कार्यवम में पर्रिकर ने कहा, ‘‘गोवा का इतिहास पुर्तगाली शासन से आजादी मिलने पर ही समाप्त नहीं होता है बल्कि यह जनमतसंग्रह से लेकर साल 1987 तक चलता है जब गोवा को राज्य का दर्जा मिला।’’
उन्होंने कहा कि राज्य के इस इतिहास को भी पढाए जाने का प्रयास करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ मैं आासन देता हूं कि जनमत संग्रह साल 2019 सत्र में स्कूली पाठ्यवम का हिस्सा होगा।’’उन्होंने कहा कि गोवा को एक अलग राज्य के रूप में रखने के लिए जिन लोगों ने योगदान दिए, उनके प्रयासों को विभिन्न रूपों में पहचाना जाना चाहिए।