गणित, अंग्रेजी, विज्ञान में फेल हो चुके शिक्षक पढ़ा रहे हैं स्कूलों में

चंडीगढ़।  पंजाब के एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ने सूचना अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के हवाले से आज आरोप लगाया कि गणित, अंग्रेजी, विज्ञान जैसे विषयों में खुद फेल हो चुके शिक्षक पंजाब के सरकारी प्राइमरी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं जिससे उनका भविष्य खतरे में है।
         एनजीओ सोशल रिफॉर्मर्स के राजेश गुप्ता और आम आदमी पार्टी (आप) के मुख्य प्रवक्ता हरजोत सिंह बैंस तथा वकील और डाटा एनालिस्ट ने आज यहां बताया कि संगठन के उपाध्यक्ष और फिरोजपुर के मोहरेवाला गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह संधू ने सूचना अधिकार के तहत पंजाब में पिछले दस सालों में सरकारी प्राइमरी स्कूलों के उन शिक्षकों की जानकारी मांगी थी जो खुद दसवीं में विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, अंग्रेजी और ¨​हिंदी में फेल हुए थे। जानकारी अभी तक सिर्फ 10 जिलों के विभिन्न ब्लॉक से मिल पाई है जो बताती है कि वर्तमान में 313 शिक्षक ऐसे हैं जो दसवीं में उक्त विषयों में से किसी न किसी विषय में फेल हुए थे। 
  एनजीओ के अनुसार पंजाब में ऐसे भी शिक्षक हैं जिन्हें दसवीं में उक्त में से किसी न किसी विषय में एक से लेकर नौ अंक ही मिले थे। संगठन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि उक्त जानकारी से पता चलता है कि क्यों सरकारी प्राइमरी स्कूलों के नतीजे इतने खराब होते हैं और किस तरह पंजाब का भविष्य ही दांव पर लगा है। उन्होंने कहा कि इस साल के नतीजों के अनुसार एक लाख छात्र गणित में और 70 हजार छात्र अंग्रेजी में फेल हुए हैं। 
  उन्होंने कारण लगाया कि यही कारण है कि लोग सरकारी स्कूलों में छात्रों को नहीं भेजते और सरकार स्कूल बंद करने का निर्णय ले लेती है। श्री बैंस ने आरोप लगाया कि यह एक तरह से पंजाब का सबसे बड़ा घोटाला है और इसकी गणना रुपयों-पैसों में नहीं की जा सकती क्योंकि शिक्षक बच्चों का भविष्य गढ़ते हैं और इस‘घोटाले’के कारण लाखों छात्रों को अपने करियर में वह ऊंचाई नहीं मिल पायेगी जिसके कि वह हकदार हैं।
  उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यापक प्रवेश परीक्षा में भी गड़बड़ी होती है और इसकी जांच कराई जानी चाहिये कि भर्तियां होती कैसे हैं। श्री संधू ने कहा कि वह इस विषय में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय जाएंगे।