उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शोध महत्वपूर्ण- कुलपति
 
दरभंगा । ललित नारायण मिथिला विविद्यालय के कुलपति डा. सुरेन्द्र कुमार सिंह ने विविद्यालय स्तर की शिक्षा में शोध के महत्व को रेखांकित करते हुए आज कहा कि किसी भी विविद्यालय एवं शिक्षण संस्थान के लिए शिक्षार्थियों को उच्च कोटि का शिक्षण एवं शोध के संसाधन उपलब्ध कराना मूल जिम्मेवारी होती है। 
        विविद्यालय अधिषद की यहां हुई बैठक में अधिषद सदस्य डा0 विनोद कुमार चौधरी ने वित्तीय वर्ष 2018-2019 के लिए कुल 14 अरब 77 करोड़ 90 लाख 39 हजार 538 रुपये के घाटे का बजट पेश किया जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। 
         बैठक की अध्यक्षता करते हुए कुलपति डा0 सिंह ने कहा कि कुलाधिपति सह राज्यपाल सत्यपाल मलिक के कुशल नेतृत्व एवं निर्देशन में यह विविद्यालय उच्च शिक्षा के क्षेा में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। निरन्तर प्रयास से गुणवतापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने में विविद्यालय सफल हुआ है जिससे विविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय पहचान बनाने में भी सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि यह घाटे का बजट है। लोक कल्याणकारी राज्य के विविद्यालय के लिए यह चिंता का विषय नही है, लेकिन घाटे को कमतर किये जाने की दिशा में सार्थक पहल एवं प्रयास जारी है। 
        श्री सिंह ने कहा, किसी भी विविद्यालय एवं शिक्षण संस्थान के लिए शिक्षार्थियों को उच्च कोटि का शिक्षण एवं शोध के संसाधन उपलब्ध कराना मूल जिम्मेवारी होती है। कुलपति होने के नाते मैंने इस जिम्मेवारी को पूरा करने का हरसंभव प्रयास किया है और भविष्य में भी करता रहूँगा। आप सबका सहयोग मिला है और आने वाले समय में भी अपेक्षित है।
 कुलपति ने कहा कि स्नातकोत्तर छाों के लिए वस्तुपरक एवं विज्ञान के विषयों के लिए वर्तमान में कोर्स से संबंधित जानकारी के लिए एक मजबूत पण्राली की शुरूआत की गयी है। इसके अलावा स्नातक एवं स्नातकोत्तर के छा-छाओं के पाठ्यक्रम से संबंधित विषयों के लिए ई-पाठशाला को विकसित किया गया है, जो पोर्टल पर उपलब्ध है। इसके  कुशल संचालन के लिए वरीय शिक्षकों के शैक्षिक समूह का निर्माण किया गया है, जिससे शिक्षार्थियों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। 
       श्री सिंह ने कहा कि विविद्यालय में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, संबंधित महाविद्यालयों और स्नातकोत्तर विभागों में छा-छाओं की संख्या बढ़ाने एवं उनमें शैक्षणिक रूचि पैदा करने के लिए संगोष्ठी, विशेष व्याख्यानों एवं कार्यशालाओं  का लगातार आयोजन  किया जा रहा है। छा हित में सा नियमित करने हेतु सत्त प्रयास किया जा रहा है। कम समय में अधिक से अधिक परीक्षाओं का निष्पादन हो गया है।
        कुलपति डा0 सिंह ने कहा विविद्यालय में परम्परागत पाठ्यक्रमों के अतिरिक्त बदलते परिवेश के अनुरूप कई नए रोजगारपरक पाठ्यक्रमों को लाया गया है तथा शेष नये पाठ्यक्रमों को चलाने का प्रयास किया जा रहा है। यह विविद्यालय झारखण्ड एवं बिहार का एकलौता विविद्यालय है, जिसे लगातार तीसरी बार वर्ष 2017 में भी सूचना अधिकार अधिनियम के तहत उत्कृष्ट कार्य करने के लिए सम्मानित किया गया है। 
       बैठक में अधिषद सदस्य विधायक संजय सरावगी, विधान पाषर्द संजय सिंह, पूर्व विधायक विजय कुमार मिश्र, डा0 नवीन कुमार अग्रवाल समेत कई सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त किये।