उच्च न्यायालय ने कुलपति, रजिस्ट्रार से पूछा, क्यों नहीं उनके वेतन रोक दिये जाएं


              पटना। पटना उच्च न्यायालय ने बिहार के सभी विविद्यालयों के कुलपति और रजिस्ट्रार से आज कहा कि सेवानिवृत्त होने वाले शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मियों की पेंशन और अन्य बकाया राशि के भुगतान में विलंब को लेकर उनके वेतन क्यों नहीं रोके जाएं।
             मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ ने  एक जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए बिहार के सभी विविद्यालयों के कुलपति और रजिस्ट्रार को चार  जनवरी तक स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि सेवानिवृत्त होने वाले शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक कर्मियों की पेंशन और अन्य बकाया राशि के भुगतान में विलंब को लेकर उनके वेतन क्यों नहीं रोक दिए जाएं।
           खंडपीठ ने मुजफ्फरपुर स्थित बीआरए बिहार विविद्यालय के एक सेवानिवृत्त शिक्षक कृष्णकांत सिन्हा की याचिका की सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
           याचिकाकर्ता ने विविद्यालय प्रशासन को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मियों को समय पर पेंशन और अन्य बकाया का भुगतान किए जाने के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया था।
         अदालत ने आठ सितंबर को याचिका की सुनवाई के  दौरान राज्य सरकार को सेवानिवृत्ति बकाया राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर किए जाने के लिए शिक्षा विभाग के प्रधानसचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक करने का निर्देश दिया था। सरकारी वकील ने बताया कि इसके लिए विविद्यालयों की ओर से अधूरी जानकारी उपलब्ध करायी गयी है।