रियान समूह के ट्रस्टियों की जमानत पर फैसला 11 दिसंबर को 

        नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने गुरूग्राम स्थित एक स्कूल में एक सात वर्षीय छात्र के मृत पाए जाने के मामले में रियान इंटरनेशनल समूह के तीन ट्रस्टियों की अग्रिम जमानत रद्द करने के लिये दायर याचिका पर आज सुनवाई पूरी कर ली। न्यायालय इस मामले में फैसला 11 दिसंबर को सुनायेगा।
      न्यायमूर्ति आर के अग्रवाल और न्यायमूर्ति ए एम सप्रे की पीठ ने छात्र प्रद्युमन के पिता की याचिका पर दोनों पक्षों को सुनने के बाद कहा कि इस मामले में 11 दिसबंर को फैसला सुनाया जायेगा।  इस मामले में सुनवाई के दौरान छात्र के पिता के वकील सुशील टेकरीवाल ने कहा कि समूह के तीन ट्रस्टियों को उच्च न्यायालय द्वारा दी गयी अग्रिम जमानत पूरी तरह  गैरकानूनी ,  अनावश्यक  और  असंवैधानिक  है। गुरूग्राम का स्कूल भी इसी समूह का है।
      उन्होंने कहा कि कक्षा दो के छात्र प्रद्युमन की हत्या रियान इंटरनेशनल स्कूल परिसर में ही हुयी थी और इसलिए उच्च न्यायालय का 21 नवंबर का आदेश निरस्त किया जाना चाहिए।
      उन्होंने कहा कि सारा मामला बिरलतम स्वरूप का है जिसमें एक छात्र की मृत्यु हो जाती है। रियान पिन्टो, ग्रेस पिन्टो और ए एफ पिन्टो के वकील संदीप कपूर ने कहा कि ये ट्रस्टी कभी भी प्रत्येक स्कूल के प्रवेश के मामलों में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं हुये और वे सिर्फ नीतिगत फैसले ही लेते हैं।
      उन्होंने कहा,   सीबीआई  स्कूल बस में छात्र की हत्या की साजिश के पहलू की जांच कर रही थी परंतु उसे प्रतिवादियों की संलिप्तता के बारे में कोई सबूत नहीं मिला है। कपूर ने कहा कि महज संदेह के आधार पर किसी व्यक्त को गिरफ्तार करके जेल की सलाखों के पीछे नहीं डाला जा सकता है जबकि इस तरह के अपराध से उसका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि स्कूल प्रशासन और प्रबंधन सीबीआई की जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और इस छात्र की स्कूल के भीतर हत्या करने के पीछे किसी नतीजे पर पहुंचने में उसकी मदद करेगा।
      कपूर ने कहा कि जांच ब्यूरो ने हाल ही में स्कूल के एक छात्र को गिरफ्तार किया है जिसके खिलाफ जांच एजेन्सी ने साक्ष्य एकत्र किये हैं। गुरूग्राम स्थित इस स्कूल के शौचालय में आठ सितंबर को प्रद्युमन खून से लथपथ मिला था और उसका गला रेता हुआ था। इस मामले में हरियाणा पुलिस ने शुरू में बस के कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया था। अशोक को हाल ही में अदालत ने जमानत पर रिहा किया है।