पंजाब के स्कलों में शिक्षकों की भारी कमी : चावला
 
अमृतसर। पंजाब की पूर्व मंत्री प्रो लक्षमीकांता चावला ने कहा कि पंजाब के स्कूलों में अध्यापकों की कमी होने के बावजूद अध्यापकों से शिक्षा के स्थान पर दूसरे काम लिए जा रहे हैं।
        कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह द्वारा पंजाब सरकार का उच्च स्तरीय शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध के वयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रो चावला ने कहा कि पंजाब में कोई भी सरकार रही हो, वह शिक्षा के लिए वचनबद्ध नहीं रही। उन्होने कहा कि सभी भाषण और घोषणाएं अवश्य ही पूरे जोर-शोर से करते हैं। 
         प्रो चावला ने कहा कि जिस पंजाब के सरकारी स्कूलों में पूरे अध्यापक ही नहीं, जहां अध्यापकों से बच्चों को पढ़ाने के स्थान पर दूसरे काम लिए जाते हैं, पूरा साल यूनिफॉर्म नहीं दी जाती, मिड-डे-मील के नाम पर एकदम घटिया और ठंडा खाना मिल रहा है, सरकारी स्कूलों में अध्यापक परीक्षाओं में अपना रिजल्ट बनाने के लिए बच्चों को नकल का सहारा देते हैं, वहां पर किस तरह की स्तरीय शिक्षा यह सरकार दे पाएगी। 
        प्रो चावला ने कहा कि अगर सरकारी अधिकारियों  के बच्चे भी इन्हीं सरकारी स्कूलों में पढ़ें तब शिक्षा का स्तर और मूलभूत ढांचा सुधर सकता है।