एनआरआई कोटे के 107 मेडिकल छात्रों का दाखिला निरस्त

  जबलपुर। मध्यप्रदेश में एनआरआई कोटे के तहत  एमबीबीएस कोर्स 2017-18 में फर्जी तरीके से प्रवेश पाने वाले 107 छात्रों का दाखिला निरस्त कर दिया गया है। 
मध्यप्रदेश के चिकित्सा शिक्षा के संचालक (डीएमई) ने यह जानकारी आज उच्च न्यायालय में याचिका की सुनवाई के दौरान पेश की। न्यायाधीश आर एस झा और न्यायाधीश नंदिता दुबे की युगलपीठ ने मॉक-अप राउण्ड में हुए दाखिलों की जांच पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए पुन: जांच के निर्देश दिये हैं।  
  खण्डवा निवासी प्रियांशु अग्रवाल सहित अन्य चार की तरफ से दायर याचिकाओं में कहा गया था कि एमबीबीएस कोर्स में दाखिले के लिए मॉक-अप राउण्ड में नियमों को ताक में रखकर निजी मेडिकल कॉलेजों में अयोग्य छात्रों को दाखिला दिया गया व 250 सीटों को लाखों रुपए में बेचा गया है। उनके अच्छे अंक आने के बावजूद ऐसे छात्रों को दाखिला दिया गया, जिनके अंक उनसे कम थे और वह प्रदेश के मूल निवासी भी नहीं थे।
याचिका में कहा गया था कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश थे कि एमबीबीएस कोर्स में पहले प्रदेश के मूल निवासी छाों को दाखिला दिया जाये। इसके बाद कोई सीट रिक्त रह जाती है, तो दूसरे प्रदेश के छात्रों को मैरिट के आधार पर दाखिला दिया जाए। मॉक-अप राउण्ड में न्यायालय के आदेश के विपरीत जाकर सीटों को बेचा गया। 
याचिका में यह भी कहा गया था कि एनआरआई कोटे के तहत अयोज्ञ छात्रों को दाखिला दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया था कि कोटे के तहत जिस छात्र को प्रवेश दिया जा रहा है, उसका स्वयं एनआरआई होना आवश्यक है।
याचिका पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए डीएमई को निर्देशित किया गया था कि वह दस दिनों में मॉक-अप राउण्ड तथा एनआरआई कोटे में दिये गये छाों को अभिरक्षा में लें। दस्तावेजों की जांच कर अपनी रिपोर्ट पेश करें। याचिका पर पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान सरकार की तरफ से युगलपीठ को बताया गया कि दस्तावेज जब्त कर लिये गये हैं। उनकी जांच कर रिपोर्ट पेश करने के लिए सरकार ने समय प्रदान करने का आग्रह किया था। 
युगलपीठ ने आज सुनवाई के बाद अगली तारीख 11 दिसम्बर वाले सप्ताह पर निर्धारित की है।याचिका में डीएमई, चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव सहित चिरायु मेडिकल कॉलेज, अर¨वदो मेडिकल कॉलेज, आरडीगार्डी मेडिकल कॉलेज, अमलास मेडिकल कॉलेज, आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज आदि को अनावेदक बनाया गया है।