रावत ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति पर चिंता जतायी  

         देहरादून। उत्त्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा की स्थिति के चलते वहां बच्चों की कम संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारी अध्यापकों के अधिक योग्य होने तथा उन्हें अधिक वेतन मिलने के बावजूद प्रदेश के 60 फीसदी बच्चे निजी स्कूलों में अध्ययन कर रहे हैं।
        मुख्यमंत्री ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि जब स्कूलों में बच्चों की संख्या अधिक होगी, तभी स्कूल भी बंद होने से बचे रहेंगे तथा शिक्षकों को भी इसका लाभ मिलेगा। 
        उन्होंने कहा कि आज 60 प्रतिशत बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं और सरकारी स्कूलों में केवल 40 प्रतिशत बच्चे ही रह गये हैं जबकि सरकारी स्कूलों के अध्यापक सबसे योग्य है तथा वेतन भी अधिक पाते हैं।उन्होंने इस संबंध में सरकारी अध्यापकों से शिक्षा के उन्नयन तथा बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा उपलब्ध कराने पर ध्यान देने की जरूरत बतायी और कहा कि योग्य 10-12 शिक्षकों का एक  थिंक टैंक  गठित किया जा सकता है जो शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यालयों की मजबूती और स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने आदि समस्याओं के समाधान के लिये अपने सुझाव रखे। 
      शिक्षकों को अन्य सरकारी कर्मचारी से अलग और प्रदेश का  गर्व  बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कोई भी समस्या हो, बच्चों की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिये भी शिक्षकों को संवेदनशील बनना होगा।